इस्पात मंत्रालय 20 प्रतिशत ज्यादा दाम पर खरीदेगा 15 साल पुरानी डीजल गाडिय़ां: बीरेन्द्र सिंह


फतेहाबाद: केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेन्द्र सिंह ने कहा है कि 15 साल से पुरानी डीजल की गाडिय़ों के बंद करने संबंधी बिल के लोकसभा में पारित हो जाने के बाद इस्पात मंत्रालय अपने स्तर पर पुरानी गाडिय़ों की खरीद करेगा। इतना ही नहीं मंत्रालय इन गाडिय़ों को बाजार भाव से 20 प्रतिशत से ज्यादा राशि देकर इनकी खरीद करेगा। केंद्रीय इस्पात मंत्री वीरवार को फतेहाबाद के भूना रोड़ स्थित लोक निर्माण विश्राम गृह में केंद्र सरकार के 3 वर्ष पूरे होने पर सरकार की उपलब्धियों और नीतियों की समीक्षा करने फतेहाबाद पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि इस्पात मंत्रालय लोकसभा में बिल के पास हो जाने के बाद उत्तर भारत में ऐसा खरीद केंद्र और स्क्रेप कारखाना स्थापित किया जाएगा और इसी प्रकार का एक अन्य कारखाना खरीद केंद्र देश के पश्चिम क्षेत्र यानि गुजरात, महाराष्ट्र या गोवा में भी स्थापित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि 15 साल पुरानी डीजल की गाडिय़ां बंद हो जाने पर 44 प्रतिशत स्क्रेप उत्तर भारत में प्राप्त होगा। इन गाडिय़ों के स्क्रेप से प्राप्त होने वाला स्टील उच्च गुणवत्ता का होता है और इसकी उपलब्धतता के पश्चात आयरन एंड ऑर की भी काफी सीमित जरूरत कारखानों को होगी। इससे पूर्व इस्पात मंत्री बीरेन्द्र सिंह, चेयरपर्सन श्रीमति सुनीता दुग्गल व जिला अध्यक्ष वेद फुलां ने स्थानीय अशोक नगर में समरसता कार्यक्रम के तहत भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा के सचिव प्रेम बदवाल व अन्य क्षेत्र वासियों से भी मुलाकात की। उन्होंने सचिव श्री बदवाल के घर दोपहर का भोजन ग्रहण किया। इस दौरान वे लगभग एक घंटा तक यहां रूके। इस अवसर पर श्री बदवाल ने पगड़ी भेंट कर केंद्रीय मंत्री बीरेन्द्र सिंह का सम्मान किया।

इसके पश्चात चौधरी बीरेन्द्र सिंह ने कृष्ण तनेजा व डॉ. विरेन्द्र सिवाच के आवास पर आयोजित सामाजिक कार्यक्रमों में भी शिरकत की और जलपान ग्रहण किया। इस्पात मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की 3 वर्ष की योजनाओं और नीतियों का आमजन को लाभ पहुंचा है और इसके परिणाम अब सामने आ रहे हैं। जीएसटी के लागू हो जाने के बाद देश की अर्थ व्यवस्था में अमूलचुल परिवर्तन आएगा और देश आर्थिक रूप से मजबूत बनेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री जनधन योजना को गरीब से बैंक को जोडऩे की एक महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए कहा कि दो वर्ष पूर्व देश में मात्र 17 प्रतिशत लोग यानि 3 करोड़ 40 लाख लोगों के पास ही बैंक खाते थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने गरीब को बैंक से जोडऩे का काम किया और आज 28 करोड़ बैंक खाते खोले गए है। उन्होंने बताया कि इस देश में अनुमानित 25 करोड़ परिवार है, इससे यह सिद्ध होता है कि देश का हर परिवार बैंक सिस्टम से जुड़ा है। विमुद्रीकरण कदम को भी उन्होंने देश के आर्थिक विकास में मजबूत कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि 15 लाख करोड़ रुपये चलन में थे और उसमें से 67 प्रतिशत 1000-1000 के नोट लोगों ने घरों में रखे थे।

– सुनील सचदेवा

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