मूर्ति से छेड़छाड़ करने से रोका तो दंपति को किया लहूलुहान


पुन्हाना: पुन्हाना उपमंडल के बीसरू गांव में धार्मिक स्थल में मूर्ति के साथ छेड़छाड करने से रोका तो गांव के ही दो युवकों ने पहले पति पत्नि को बेहरमी से पीटा इसके बाद में अपने साथियों को बुलाकर पथराव कर लाठी डंडो व अवैध हथियार से जानलेवा हमला किया। हमले में पांच लोगों को चोटें आई जिन्हें पुन्हाना के सामुदायिक केन्द्र में दाखिल कराया। गंभीर चोट होने के कारण डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार कर चार लोगों को नल्हड के लिए रैफर कर दिया जिसमें से एक की हालत काफी नाजुक बताई जा रही है। मामला धार्मिक स्थल का होने के कारण बिछौर थाना प्रभारी के अलावा पुन्हाना थाना प्रभारी व पुन्हाना सिटी चौकी इंचार्ज भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पंहुच गए। लेकिन तब तक झगडा शांत हो चुका था। पुलिस को शिकायत दे दी है।

दोपहर बाद पुन्हाना के डीएसपी ओमप्रकाश ने भी गांव मे पंहुच कर मौके का मुआयना किया तथा लोगो से शांति बनाने की अपील की। बिछौर पुलिस को दी शिकायत में बीसरू गांव निवासी वेदराम पुत्र सोहनपाल ने बताया कि बुधवार को सुबह करीब आठ बजे उसकी पत्नि प्रहलादी मंदिर में लगे नल पर पानी भरने के लिए आई थी। वहां पर पहले से ही मौजूद आलिम पुत्र जरजेश व राका पुत्र महमूदा मंदिर में मूर्तियों के साथ छेडछाड कर रहे थे। शिकायत में बताया कि जब उसकी पत्नि प्रहलादी ने उन्हें ऐसी हरकत से रोका तो उक्त युवक उसकी पत्नि से छेडछाड व दुव्र्यवहार करने लगे। मंदिर में मरम्मत का काम चल रहा है तथा मैं वहीं पर काम करा रहा था। जब अपने पत्नि से दुव्र्यवहार होते देखा तो उक्त युवकों को रोकने का प्रयास किया। दोनों युवकों ने मेरे साथ भी गाली गलौच करनी शुरू कर दी और झगडा करने पर उतर आए।

इसके बाद उक्त युवकों ने मुझे लात घुसों से मारा तथा मंदिर में पड़ी राजमिस्त्री की फट्टी से उसके उपर वार किया। शिकायत में बताया कि जब उसकी पत्नि उसे बचाने के लिए आई तो उक्त युवकों ने उसे भी मारना शुरू कर दिया तथा उसकी चोटी पकडकर मंदिर प्रागंण मे उसे इधर उधर खींचा। शोर सुनकर गंाव का ही बाबूलाल पुत्र सुमेरचंद , पवन पुत्र राजेन्द्र, रोहताश पुत्र रामसिंह, नेमचंद मिस्त्री, कासम पुत्र छोटेलाल वहां आए जिन्होंने उक्त लोगों से दोनों को बचाया। इसके बाद राका व आलिम ने तकरीबन 18-20 लोगों को लोगों को बुला लिया जो बोलेरों गाडी व मोटरसाईकिल पर सवार होकर आए जिनमें जमशेद पुत्र महमूदा, मेजर पुत्र महमूदा, कल्लू पुत्र रहमान, महमूदा पुत्र रहमान, तालिम पुत्र जरजेश तथा 10-12 अन्य लोग मौजूद थे। उक्त लोगों ने आते ही मंदिर में काम कर रहे लोगों पर लाठी डंडो से हमला कर दिया तथा प्रहलादी को मारते हुए मंदिर के बाहर खींच लाए। मंदिर में काम कर रहे लोगों ने जब बचाने की कोशिश की तो उक्त लोगों ने उन पर भी हमला कर अधमरा कर दिया। इसके बाद तालिम पुत्र जरजेश बोलेरा गाडी से लेाहे की रॉड निकाल कर लाया और रोहताश के सिर में मारी जिसके कारण रोहताश का सिर फट गया।

– गुरुदत्त भारद्वाज

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