स्वच्छता अभियान मेें जुटे कर्मचारी, डाकघर में कामकाज हुआ ठप्प


बल्लभगढ़ : केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी कार्यालय में चलाए जा रहे ‘एक कदम स्वच्छता की ओर’ कार्यक्रम के तहत बल्लभगढ़ स्थित डाकघर में कामकाज पूरी तरह से ठप्प हुआ पड़ा है। डाकघर में चल रहे स्वच्छता पखवाड़े के दौरान अधिकारी व कर्मचारी स्वच्छता जागरुकता के प्रति लोगों के बीच जा रहे है, जबकि डाकघर के मुख्य द्वार पर खुद मलबे का ढेर लगा हुआ है। दूसरे को स्वच्छता का पाठ पढ़ाने वाले डाकघर कर्मी स्वयं अपने कार्यालय के समक्ष रखे कूड़े को हटाने में बेअसर साबित हो रहे है।

गौरतलब है कि बल्लभगढ़ के डाकघर में करोड़ों के घोटाले में कार्यालय के 5 कर्मचारी जेल काट रहे है, जबकि कई एजेंट ऐसे है, जो आज भी लोगों के खून पसीने की कमाई को हड़पने में लगे है। आज भी गरीब व मध्यमवर्गीय परिवार के लोग अपनी मेहनत व खून पसीने की कमाई एजेंटों के माध्यम से डाकघर में जमा तो करवा रहे है परंतु वह सुनिश्चित नहीं है कि उनका पैसा जमा भी हो रहा है की नहीं। डाकघर में आज भी पासबुक में मैन्यूअल करके दे रहे है।

पिछले दिनों सेविंग खातों वालों ने बताया कि पासबुक पर विभाग द्वारा 3 हजार रुपए जमा किए जाना अनिवार्य कर दिया है और पूरी कॉपी में ओवर राईटिंग चल रही है। उनका कहना है कि खातों से रुपए निकालने में उन्हें लम्बी-लम्बी लाईनों में घण्टों खडा रहता है, जिसके चलते उनके कार्य भी बाधित हो रहे है। इस संबंध में जब डाकघर के इंचार्ज से बातचीत की गई तो इंचार्ज श्री सचदेवा ने बताया कि विभाग को कंप्यूटरीकृत प्रणाली से जोडऩे के लिए कार्य चल रहा है, जिसमें समय लगेगा, फिलहाल उपभोक्ताओं की सहूलियतों के अनुसार कार्य किए जा रहे है।

कुछ उपभोक्ताओं का यह भी कहना है कि डाकघर कार्यालय में तैनात क्लर्क भी मारधाड करने को तैनात रहते है और कभी भी लडाई करते को उतारू रहते है। डाकघर में पूरा भ्रष्टाचार का माहौल बना हुआ है। इस बाबत कई बार मुख्यमंत्री सहित वरिष्ठ डाकघर इंचार्ज को शिकायत भेजा गया है। ज्ञातव्य हो कि एक तरफ तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्मचारियों की कार्यशैली को सुधारने के लिए निरंतर कार्य कर रहे है वहीं कर्मचारी अपने व्यवहार व कार्यशैली से उनके कथन को पतीला लगाने में लगे हुए है। वहीं समाजसेवी सेवाराम वर्मा का कहना है कि डाकघर में भ्रष्टाचार का बोलबाला है।

न तो विभाग में स्पीड पोस्ट होते और न ही डाक टिकट मिलते है और न कंप्यूटर पर कार्य होते है, जिसके चलते लोगों को अपने काम करवाने में पूरा दिन लग जाता है, जो कर्मचारी पहले थे, अभी भी वहीं टिके हुए है। प्रतिदिन लाखों का लेन-देन यहां होता है परंतु यहां सुरक्षा की दृष्टि से कोई कर्मचारी तैनात नहीं है, जिससे कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है। उपभोक्ताओं को प्रतिदिन काम के लिए लम्बी-लम्बी लाईनों में खड़ा रहता है। पिछले दिनों भी बेटी बचाओ अभियान के तहत फार्म बांटे गए थे, पोस्ट ऑफस अधिकारियों ने एक भी फार्म नहीं दिया। कुल मिलाकर डाकघर विभाग की कार्यशैली से शहर की उपभोक्ता पूरी तरह से असंतुष्ट है।

– सुरेश बंसल

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