परीक्षा में उच्चतम अंक लाने के लिए होगा प्रेरणा संवाद


विदिशा : मध्यप्रदेश में कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में उच्चतम अंक लाकर अधिक से अधिक विद्यार्थी मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी और प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना का फायदा उठा सकें। इसके लिए15 से 30 जनवरी तक प्रेरणा संवाद आयोजित किया जाएगा। संवाद में जन-प्रतिनिधि और अधिकारी स्कूलों में पहुँचकर छात्रों से संवाद करेंगे। प्रेरणा संवाद के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने कलेक्टर्स को पत्र लिखकर सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ किए जाने के निर्देश दिए हैं।

प्रेरणा संवाद कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों के साथ किया जाएगा। संवाद के दौरान विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी और प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना की जानकारी देकर उन्हें बेहतर परीक्षा परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। कलेक्टर्स से कहा गया है कि वे जन-प्रतिनिधि और अधिकारियों से चर्चा कर संवाद के लिए चयनित शालाओं के नाम और भ्रमण का दिनांक निश्चित करें।

कलेक्टर्स से यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि प्रदेश की प्रत्येक शाला में प्रेरणा संवाद आवश्यक रूप से हो। संवाद को सफल बनाने के लिए 12 जनवरी को प्रशिक्षण कार्यक्रम भी रखे गए हैं। कक्षा 11 और 12 से जुड़े शिक्षकों का प्रशिक्षण 10 जनवरी को होगा और 12 जनवरी युवा दिवस पर जन-प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का जिला स्तरीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण होगा। प्रशिक्षण में तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारी को भी सहयोग करने के लिए कहा गया है।

संवाद कार्यक्रम में राज्य सरकार के मंत्रीगण, सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष, विधायक, महापौर, जनपद एवं नगर पंचायत अध्यक्ष और जिला स्तर पर पदस्थ प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के शासकीय अधिकारी शामिल होंगे। कलेक्टर्स को प्रेरणा संवाद की सतत मॉनिटिरिंग किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। योजना में मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए फीस की प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा की जाती है।

कोई भी विद्यार्थी जिसकी जे.ई.ई. मेन्स परीक्षा में 50 हजार तक रैंक आती है तो उसके किसी भी शासकीय अथवा अशासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश लेने पर शासकीय कॉलेज की पूरी फीस राज्य शासन द्वारा वहन की जाएगी। प्रायवेट कॉलेज की फीस 1 से 5 लाख रूपए या वास्तविक शिक्षण शुल्क, जो भी कम हो, राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा। इसी तरह चिकित्सा, विधि शिक्षा, ग्रेजुएशन प्रोग्राम और स्नातक स्तर तक की शिक्षा में लगने वाली फीस भी राज्य शासन द्वारा वहन की जाएगी।

योजना में उन विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा, जो मध्यप्रदेश के निवासी हों और परिवार की वार्षिक आय 6 लाख रूपए से अधिक न हो। विद्यार्थी के माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश की 12वीं परीक्षा में 75 प्रतिशत और सी.बी.एस.ई. की बोर्ड परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक होना चाहिए। तो वही प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में कक्षा 12 वीं की बोर्ड परीक्षा में सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक और आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों को 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने पर लेपटॉप लेने के लिए राज्य शासन द्वारा 25 हजार रूपए की राशि और प्रमाण-पत्र दिए जाते हैं।

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