श्रीनगर के कई क्षेत्रों में लगी पाबंदियां


कश्मीर घाटी में अलगाववादियों की हड़ताल के कारण हिंसा की घटना को रोकने के लिए एहतियातन कल शहर-ए-खास और श्रीनगर के निचले इलाकों में कर्फ्यू जैसी पाबंदियों लगाई गई और आज उन्हें पुराने शहर के कुछ और इलाकों तथा सिविल लाइन्स तक बढ़ा दिया है। श्रीनगर में सेंट्रल जेल के बाहर वर्ष 1931 में डोगरा शासन के दौरान मारे गए 22 शहीदों की 86वीं बरसी पर अलगाववादियों ने हड़ताल का आहवान किया था।

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इस बीच मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उनकी मंत्रिपरिषद के सदस्यों तथा पुलिस महानिदेशक ने सुबह ख्वाजा बाजार में शहीदों को श्रद्धांजलि दी। शहीदी दिवस पर सरकारी अवकाश होने के कारण सरकारी कार्यालय और बैंक बंद रहे। पुलिस ने बताया कि निचले इलाके और शहर-ए-खास में नौहट्टा, एम आर गंज, साफा कदाल, खानयार और रैनवाड़ी के पांच पुलिस थाना क्षेत्रों में भी धारा 144 के तहत पाबंदी लागू की गई हैं। पुराने शहर के क्रालखुद पुलिस थाने और सिविल लाइन्स के मैसुमा में भी आज पाबंदियां लगाई गई है।

कुछ इलाकों में स्थिति पूरी तरह से अलग है और लोगों को अपने घरों में ही रहने के निर्देश दिए गए हैै क्योंकि सुबह से ही कर्फ्यू लगाया गया है। बडगाम में मुठभेड़ में तीन आतंकवादियों के मारे जाने की खबर फैलने के तुरन्त बाद नौहट्टा के निचले इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। यहां पर सड़कों पर ज्यादातर लोग पथराव कर रहे थे। खानयार से छत्ताबल जा रहे मुख्य मार्ग नल्लाहमार को कई स्थानों पर बंद कर दिया गया हैं। सड़क के दोनों ओर निवासियों को अपने घरों में रहने के लिए कहा गया है निवासियों ने बताया कि “आज हमे दूध और ब्रैड खरीदने के लिए अपने घरों से निकलने की अनुमति नहीं दी गई।” साफा कदाल, नावा बाजार, नावा कदाल, रंगार स्टॉप, खानयार, राजौरी कदाल, सेकी दफार को भी बंद कर दिया गया हैं।

सुरक्षा बलों ने कल रात कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया था और आंसू गैस के गोले छोड़े थे। पत्रकारों को ऐतिहासिक जामिया मस्जिद की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई थी। पिछले एक महीने से जारी पाबंदियों के कारण मस्जिद में नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। मजिस्द का मुख्य द्वार कल से ही बंद है। किसी तरह की अप्रिय घटना को टालने के लिए जामिया मार्केट में बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस के जवानों को तैनात किया गया हैं।

शहर-ए-खास के अन्य स्थानों पर भी इसी तरह की स्थिति है। रैनावाड़ी में सुरक्षा बलों ने लोगों को घरों में ही रहने के निर्देश दिए है। हालांकि मुख्य सड़क को खुला रखा गया है ताकि सरकारी और सुरक्षा वाहनों का आवागमन हो सके। जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के प्रभाव वाले मैसुमा की ओर जाने वाली सभी सड़कों को कटीली तारों से बंद कर दिया गया हैं। कानून एवं व्यवस्था की स्थिति पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया हैं।

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