सभी राजनैतिक दल सहयोग दें


भोपाल: प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद नंदकुमारसिंह चौहान ने कहा कि संसद के पावस सत्र के पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ने सभी राजनैतिक दलों से सकारात्मक बहस का आग्रह किया है। मानसूत्र सत्र गंभीर चर्चा का मंच साबित होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्रारंभ के पहले ही राजनैतिक दलों को सीमा पर पाक द्वारा सीमा के उल्लंघन और डोकलाम क्षेत्र में चीन के अडियल रवैये पर विस्तार से चर्चा की है और विपक्ष की राय का स्वागत किया है। सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने सभी को भरोसे में लेने का प्रयास किया है।

श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री ने जम्मू कश्मीर में पाक प्रायोजित आतंकी कार्यवाही, सीमा पर चीन द्वारा उत्पन्न किए जा रहे अवरोध, गौरक्षा के नाम पर उपद्रवी तत्वों द्वारा हिसांत्मक कार्यवाही, किसानों की समस्याओं, महिला आरक्षण की पहल आंतरिक सुरक्षा, देश में बाढ़ से उत्पन्न हालात जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कर विपक्ष की राय हासिल की है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गौरक्षा की आड़ में उपद्रव और हिंसा कतई बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था और सुरक्षा राज्यों का विषय है। गौरक्षा की आड़ में होने वाली हिंसा के विरोध में राज्य सरकारों से कड़ी कार्यवाही करने को कहा जा चुका है। मोदी ने कहा कि गाय आस्था का विषय है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और विनोवा भावे गौरक्षा के लिए प्रतिबद्ध थे, लेकिन इसका मतलब हिंसा का सहारा लेना नहीं है।

प्रधानमंत्री ने एनडीए सरकार की प्रतिबद्धताएं गिनाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस एनडीए सरकार की प्राथमिकता है और ”सबका साथ सबका विकासÓÓ केन्द्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हर हाल में बनी रहेगी। राज्यों को टीम इंडिया की मान्यता दी गयी है। कहीं किसी के साथ दलीय आधार पर भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। संसद बहस, रचनात्मक तर्क, वितर्क, अहसमति में सहमति का मंच है।

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