ईवीएम पर संदेह खत्म होना चाहिए – सिंधिया


अशोकनगर : पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं मध्यप्रदेश के गुना संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज कहा कि देश की लोकतांत्रिक प्रणाली पर प्रश्न चिह्न लगे तो इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। ईवीएम पर संदेह खत्म होना चाहिए। श्री सिंधिया ने यह बात संसदीय क्षेत्र के दौरे के अंतिम दिन भोपाल रवाना होने से पूर्व अशोकनगर में मीडिया से चर्चा में कही। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के अटेर विधानसभा उपचुनाव से पहले प्रदेश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष ईवीएम के डैमो के दौरान प्रश्न चिह्न लगा था।

तब कांग्रेस की शिकायत पर देश के चुनाव आयोग ने अपनी कार्यप्रणाली से उस पर विश्वास करने वाला माहौल बनाया था। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को यह संदेह दूर करना चाहिए कि ईवीएम में छेड़छाड़ की जा सकती है। नोटबंदी पर पूछे प्रश्नों के उत्तर में श्री सिंधिया ने कहा कि इसका असर अब फिर पड़ रहा है। नोटबंदी के समय दावे किए गए थे कि नकली नोट के चलन के साथ आतंकवाद, नक्सलवाद की कमर टूट जाएगी और भ्रष्टाचार में कमी आएगी। भ्रष्टाचार कम तो नहीं हुआ, बल्कि मप्र में तो रोज भ्रष्टाचार के नए प्रकरण सामने आ रहे हैं।

वहीं नक्सलवाद तथा आतंकवाद की घटनाएं घटने के स्थान पर बढ़ी हैं। कांग्रेस सांसद ने कहा कि रिजर्व बैंक अब तक देश को इस बात का जवाब नहीं दे पाया है कि 15 लाख करोड़ रुपए के बदले कितना धन बैंकों में वापस आया। उन्होंने बताया कि संसद की वित्त मामलों की स्थाई समिति रिजर्व बैंक से यह जानकारी चाहेगी ही। श्री सिंधिया ने एक प्रश्न के उत्तर मे कहा कि हमारी आंतरिक सुरक्षा विफलता की कगार पर पहुंच रही है।

वर्तमान केंद्र सरकार के तीन वर्षो के कार्यकाल मे नक्सलवाद बढ़ा, पाक से संबंध बिगड़े, फीस बढ़ोतरी से लेकर अन्य मुद्दों पर विद्यार्थी आंदोलन के लिए सड़कों पर आने को मजबूर हुए। सेना के जवानों के सिर काटे जा रहे हैं। इससे आंतरिक सुरक्षा पर प्रश्न चिह्न खड़े हो रहे हैं। श्री सिंधिया ने मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा कि नर्मदा यात्रा के नाम पर अवैध उत्खनन को बढ़ावा मिल रहा है। यही स्थिति प्रदेश की अन्य नदियों की भी हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गरीब और किसान की अनदेखी की जा रही है। सरकार अपना शिकंजा अध्यापक, पटवारी, डॉक्टर और कर्मचारी वर्ग पर अकारण कस रही है। इससे प्रदेश का कर्मचारी वर्ग आहत है।

– वार्ता

log in

reset password

Back to
log in
Choose A Format
Poll
Voting to make decisions or determine opinions
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals
List
The Classic Internet Listicles
Video
Youtube, Vimeo or Vine Embeds
Thanks for loving our story. Like our Facebook page to get more stories.

Send this to a friend