फर्जीवाड़ा पर दो स्कूल संचालकों पर होगी एफआईआर


FIR

मध्यप्रदेश के चंबल संभाग के भिंड जिले में माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकेंडरी परीक्षा के पहले दिन 1 मार्च को दो स्कूलों में फर्जीवाड़ा सामने आने पर कलेक्टर इलैया राजा टी ने दोनों स्कूल संचालकों पर प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा के पहले दिन प्रशासन की सख्ती के चलते कुल 15 हजार 635 परीक्षार्थियों में से 14 हजार 509 परीक्षार्थी ही परीक्षा में शामिल हुए। कुल एक हजार 126 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। कड़ी सख्ती के बाद भी दो परीक्षार्थी परीक्षा के दौरान चेकिंग में नकल करते पाए गए। दोनों के नकल प्रकरण बनाए गए हैं।

भिंड में 12वीं बोर्ड परीक्षा में पहले दिन बडा फर्जीवाड़ा सामने आया। एसडीएम संतोष तिवारी ने बताया कि ऊमरी के एक स्थानीय निजी स्कूल संचालक ने स्वस्थ बच्चों के फार्म दिव्यांग कोटे से भरे। निजी स्कूल संचालक ने 177 छात्रों को अस्थिबाधित बताकर बोर्ड फीस बचा ली, लेकिन जांच के दौरान सभी बच्चे सामान्य पाए गए। सभी छात्र परीक्षा केंद्र पर विकलांग प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाए, जिसके बाद उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। सभी 177 परीक्षार्थी स्कूल संचालकों के फर्जीवाडे की वजह से परीक्षा से वंचित रह गए।

माध्यमिक शिक्षा मंडल दिव्यांग बच्चों से परीक्षा फीस नहीं लेता, जो सामान्य और स्वस्थ बच्चों से करीब 550 रुपए लगती है। कलेक्टर इलैया राजा टी ने बताया कि ऊमरी में संचालित दो हायर सेकंडरी स्कूलों को सील कराया है। एक स्कूल की ओर से स्वस्थ्य बच्चों के दिव्यांग कोटे से परीक्षा फार्म भरे गए, जबकि दूसरे स्कूल में अनियमितता थी। स्कूल संचालकों पर एफआईआर करवाई जाएगी।

अधिक जानकारियों के लिए बने रहिये पंजाब केसरी के साथ।

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