कचरा स्टेशन पर न्यायालय ने लगाई अंतरिम रोक


इंदौर : मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खण्डपीठ के प्रशासनिक न्यायमूर्ति पी के जायसवाल और न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह ने आज के एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए रहवासी क्षेत्र की एक जगह को कचरा स्टेशन की तरह उपयोग किये जाने पर अंतरिम रोक लगा दी है। जनहित याचिका इंदौर के लालबाग क्षेत्र के निवासी चंद्रेश खंडेलवाल ने अपने अधिवक्ता मनीष यादव के माध्यम से दायर की है। मय दस्तावेजी प्रमाण के साथ याची ने न्यायालय को बताया कि विगत कई वर्षो से इंदौर नगर निगम ने लालबाग स्थित पुरातत्व विभाग के एक रिक्त भूखंड पर अवैध कचरा स्टेशन बना दिया है।

इस पर अवैध रूप से कचरा एकत्र किया जाता है। इससे स्थानीय रहवासियों का जन-जीवन प्रभावित हो रहा है। कचरे से फैलती दुर्गन्ध और प्रदूषित वायु से रहवासियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पूर्व में याचिका की हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय ने इंदौर जिला कलेक्टर, इंदौर नगर निगम आयुक्त और पुरातत्व विभाग को इस संबंध में नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। इंदौर नगर निगम ने जवाब पेश करते हुए कहा था कि इस रिक्त भूखंड पर निगम का मालिकाना हक है।

पुरातत्व विभाग ने जवाब पेश करते हुए रिक्त भूखंड पर सप्रमाण अपना मालिकाना ह़क बताते हुए निगम द्वारा स्थापित कचरा स्टेशन पर आपत्ति दर्ज कराई थी। इंदौर जिला कलेक्टर की ओर से आज अतिरिक्त महाधिवक्ता ने न्यायालय के समक्ष एक आवेदन पेश कर इस रिक्त भूखण्ड के जायज मालिक की जांच कर जवाब पेश करने हेतु न्यायालय से समय देने की प्रार्थना की। याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने आगामी सुनवाई तक रिक्त भूखण्ड पर कचरा एकत्र किये जाने पर रोक लगा दी है। न्यायालय ने याचिका का निराकरण ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद किया जाना मुकर्रर किया है।

– वार्ता

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