किसानों के हित में लिए अनेक फैसले


भोपाल, (मनीष शर्मा) : विधानसभा में किसानों के मुद्दे पर कल लाए गए काम रोको प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जबाव देते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले 11 सालों में किसानों के हित में अनेक फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के सच्चे हितैषी तो हम हंै। हम किसानों को जीरो प्रतिशत ब्याज पर कर्ज दे रहे हैं। इसके अलावा अब यह भी प्रावधान किया गया है कि फसल के लिए ऋण लेने वाले किसानों को एक लाख की जगह केवल नब्बे हजार ही लौटाने होंगे।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा कर्ज वसूली किसान के हित में कैसे हो, इस पर सरकार विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में मध्यप्रदेश पहला ऐसा राज्य है, जिसमें स्वामीनाथन कमेटी की अधिकांश सिफारिशों को लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए प्रदेश में किसान कोष बनाया जा रहा है। यह कोष एक हजार करोड़ रुपए से बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर प्रकार के कृषि यंत्रों में किसान को सब्सिडी दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदसौर में जो किसान आंदोलन हुआ उसमें आसाजिक तत्व का हाथ था, जिन्होंने इस आंदोलन को हिंसक बना दिया। उन्होंने कहा कि मंदसौर में पुलिस फायरिंग में जिनकी मौत हुई है वे हमारे अपने हैं, उन्हें मुआवजा तो दिया ही गया है इसके बाद भी सरकार उन परिवारों के साथ खड़ी है। गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान स्पष्ट निर्देश थे कि आंदोलनकारियों के साथ कोई सख्ती नहीं की जाए। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि शुरूआत में पुलिस पर पथराव जैसी घटनाएं होने पर भी सख्ती नहीं की गयी।

उन्होंने किसान आंदोलन के भडकऩे की बड़ी वजह सोशल मीडिया और असामाजिक तत्वों के शामिल होने को बताया। इस बीच सहकारिता राज्यमंत्री विश्वास सारंग ने आरोप लगाया कि इस आंदोलन का हवा देने में कांग्रेस का पूरा हाथ था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। जून में हुए किसान आंदोलन के दौरान मंदसौर में भड़की हिंसा के चलते हुए गोलीकांड के लिए जिम्मेदार अफसरों, को निलंबित किया गया है।

काम रोको प्रस्ताव पर हुई चर्चा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि सरकार अब तक इस बात का जबाव नहीं दे सकी है कि मंदसौर में मारे गए किसानों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया था। उन्होंने कहा कि सरकार दावा करती है कि सिंचाई का रकबा बढ़ गया है। किसान को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिल रहा है तो इसके बाद भी किसान आंदोलन और आत्महत्या जैसे कदम क्यों उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में अगर असामाजिक तत्व शामिल थे तो सरकार ने अब तक किस पर क्या कार्यवाही की।

उसे इसका खुलासा करना चाहिए। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि किसानों को केवल घोषणाओं और वादों पर छला जा रहा है। इस मामले में सरकार ने अब तक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय नहीं की है। गोलीकांड के लिए दोषी कौन है, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने सरकार द्वारा मंदसौर गोलीकांड में गठित जांच आयोग की रिपोर्ट समय पर ना आने को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि गोलीकांड में जांच आयोग को गठित हुए एक महीना पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक आयोग को सचिव ही नहीं मिला है।

ऐसे में तीन महीने में जांच कैसे पूरी होगी। पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले की जांच लटकाना चाहती है। कांग्रेस विधायक मुकेश नायक का कहना है कि राज्य सरकार अब तक मंदसौर समेत मालवा में हुए किसान आंदोलन की वजह ही नहीं समझ पाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को तो अब तक यह नहीं पता है कि गोली किसके आदेश से चलाई गई।

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