तीन किसानों ने की आत्महत्या संख्या 20 हुई


 भोपाल: मध्यप्रदेश में कर्ज से परेशान और तीन किसानों ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली है। प्रदेश में पिछले एक पखवाड़े में अपनी जान लेने वाले किसानों की संख्या बढ़कर 20 हो गयी है।पुलिस से मिली रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान सागर, छतरपुर एवं सीहोर जिलों में एक-एक किसान ने खुदकुशी की है।

सीहोर जिला, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गृह जिला है और इसमें आठ जून से लेकर अब तक प्रदेश में सबसे ज्यादा छह किसानों ने आत्महत्या की है। होशंगाबाद पुलिस थाना प्रभारी महेन्द्र सिंह ने बताया कि सीहोर जिले के बुदनी तहसील के ग्राम गुराडिय़ा के किसान शत्रुघन मीना ने आज सुबह जहरीला पदार्थ खा लिया, जिसकी होशंगाबाद के निजी चिकित्सालय में बाद में उपचार दौरान मौत हो गई। मीना के परिजन का कहना है कि उस पर ऋण था और इसे वापस करने में असमर्थ रहने के कारण वह अमूमन परेशान रहता था।

हालांकि बुदनी पुलिस थाना प्रभारी आर. एन. शर्मा ने बताया कि उसके द्वारा आत्महत्या करने का कारण अब तक पता नहीं चला है। शर्मा ने कहा कि इस मामले की जांच चल रही है और जांच के बाद ही खुदकुशी का कारण पता चलेगा।  वहीं, छतरपुर से मिली रिपोर्ट के अनुसार छतरपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र संध्या विहार कालोनी के पास पहाड़ी पर रहने वाले महेश तिवारी (75) ने गत रात अपने ही घर में फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। मृतक के पुत्र बुद्ध प्रकाश ने बताया कि छतरपुर में उसके पिताजी मजदूरी करते थे और चितहरी में बटाई पर जमीन ली थी। चने की फसल में कीड़ा लग जाने के कारण फसल खराब हो गई थी और उस पर 90,000 रुपये का कर्ज भी था।

३वहीं, छतरपुर के सब डिवीजनल मजिट्रेट डीपी द्विवेदी ने बताया कि तिवारी द्वारा खेती करने अथवा उसके नाम पर जमीन होने की कोई जानकारी नहीं है। इनके अलावा, सागर जिले के बीना तहसील अंतर्गत बसाहारी गांव के 50 वर्षीय किसान गुलाई कुरमी का शव कल दोपहर उसके खेत के एक पेड़ से लटकता हुआ पाया गया।

कुरमी द्वारा लिखे गये सुसाइड नोट में कहा गया है कि उस पर एक लाख रुपये का ऋण है और इसकी वसूली के लिए उसे साहूकार परेशान कर रहे हैं। उसने इस ऋण के बदले में अब तक इस साहूकार शंकर महाराज को ढाई लाख रुपये दे दिये हैं, लेकिन फिर भी वह उसे तंग कर रहा है, जिसके कारण वह आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो गया है। सागर के पुलिस अधीक्षक सचिन अतुलकार ने  बताया,  ‘पुलिस सुसाइड नोट के आधार पर मृतक के परिजनों के बयान रिकार्ड कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।Ó गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के किसान अपनी उपज के वाजिब दाम और कर्ज माफी सहित 20 मांगों को लेकर एक जून से 10 जून तक आंदोलन पर थे और इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश में हिंसा, आगजनी, तोडफ़ोड़ एवं लूटपाट की कई घटनाएं की।

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