आधार से लिंक होगा वोटर आईडी


भोपाल : भारत निर्वाचन आयोग देश के 85 करोड़ मतदाताओं के वोटरआईडी को आधार से लिंक करेगा। इससे मतदान में होने वाली सभी तरह की गड़बडिय़ों पर पूरी तरह अंकुश लग जाएगा। भविष्य में ऑनलाइन वोटिंग में भी यह उपयोगी होगा। 31 करोड़ मतदाताओं को आधार से जोड़ा जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद यह काम रुका हुआ है। आयोग इस स्टे को वैकेट कराने में लगा है। मध्यप्रदेश के दौरे पर आए चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने बताया कि आयोग पूरे देश में इलेक्ट्रल रोल रजिस्ट्रेशन ऑफीसर को ईआरओ नेट से जोडऩे जा रहा है।

पंजाब और हरियाणा से इसकी शुरुआत कर दी है। इस व्यवस्था के शुरु होने पर मतदाताओं को फोन पर एपिक नंबर और अपने नए निवास के संबंध में कोई प्रमाण देना होगा। आपके पुराने एपिक नंबर के आधार पर ही नया मतदाता परिचय पत्र तुरंत जारी हो जाएगा।  एक साथ सभी चुनाव कराने की मांग कराने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इसके लिए हम तैयार हंै। इसके लिए केन्द्र से तीस लाख ईवीएम मशीनें क्रय करने हेतु बजट मांगा गया था, राशि मिल चुकी है और ईवीएम का भी आर्डर कर दिया है। सितंबर तक ये ईवीएम आ जाएंगी।

अब सरकार को इसके लिए जो जरुरी संविधान में संशोधन और कानून में बदलाव करना है, वे हो जाएं तो सारे चुनाव एक साथ कराए जा सकते है। इसके अलावा उन्होंने कहा इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन में गड़बड़ी संभव नहीं है। इधर मोबाइल सिम का फर्जीवाड़ा पकडऩे के लिए दूरसंचार मंत्रालय ने आधार से लिंक करने की मुहिम शुरू कर दी है। बीएसएनएल सहित अन्य सभी निजी दूरसंचार कंपनियों को मोबाइल कनेक्शन आधार से जोडऩे के निर्देश दिए गए हैं। जांच-पड़ताल में जो लोग दूसरे के नाम की सिम उपयोग करते पाए जाएंगे, उनके लिए वही नंबर अलॉट कराने का विकल्प मिलेगा।

फरवरी माह के प्रथम सप्ताह के बाद बिना आधार वाले मोबाइल कनेक्शन बंद कर दिए जाएंगे। दूरसंचार मंत्रालय ने मोबाइल सिम ऑपरेट करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित करने के लिए ही यह अभियान शुरू किया है। बीएसएनएल, आइडिया, एयरटेल व जियो सहित अन्य सभी निजी ऑपरेटर्स अपने ग्राहकों को इस संबंध में सूचना दे रहे है। इसके लिए 6 फरवरी 2018 तक का समय भी दिया जा रहा है। इसके बाद आधारविहीन मोबाइल बंद कर दिए जाएंगे।

हालांकि एक से अधिक मोबाइल रखने की पात्रता रहेगी। लेकिन सभी नंबरों को आधार से लिंक कराना अनिवार्य होगा। खुफिया एजेंसियों द्वारा लगातार दी जा रही चेतावनी, साइबर क्राइम एवं बढ़ रही ऑनलाइन चीटिंग की वारदातों के चलते यह मुहिम शुरू की गई है। यह व्यवस्था शुरू होने के बाद ऑनलाइन शापिंग, ई-बैंकिंग, बिल पैमेंट एवं रीचार्ज आदि सुविधाएं उपयोग करने वालों को अपनी पहचान छिपाना संभव नहीं होगा। इस संबंध में बीएसएनएल के प्रधान महाप्रबंधक डॉ.महेश शुक्ल का कहना है कि मंत्रालय ने सभी मोबाइल कनेक्शन को आधार से जोडऩे के निर्देश दिए हैं। इससे ग्राहकों की सुविधा बढ़ेगी। साथ ही फर्जी कनेक्शन और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

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