166 घंटे बाद खत्म हुई बेस्ट बसों की हड़ताल


मुंबई : शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के हस्तक्षेप के बाद बेस्ट बसों की हडताल 16 घंटे बाद आज शाम चार बजे खत्म कर दी गयी। बृहनमुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) संघ ने वेतन के सही समय पर भुगतान सहित अन्य मांगों को लेकर कल आधी रात से हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया था। ठाकरे के नगर निकाय और बेस्ट के बजट का विलय करने का आश्वासन देने के बाद आज शाम चार बजे हड़ताल खत्म की गई। बेस्ट संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद अपने निवास मातोश्री में पत्रकारों से बात करते हुए ठाकरे ने कहा, बेस्ट कर्मचारियों की मुख्य समस्या वेतन की है, जो उन्हें समय पर नहीं मिलता। मैं उन्हें यह आश्वासन देता हूं कि हर माह की 10 तारीख को उन्हें उनका बकाया दे दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बेस्ट कर्मचारियों के समक्ष पेश होने वाली अन्य समस्याओं को हल करने के लिए बीएमसी और परिवहन निकाय के बजट का विलय किया जाएगा। उन्होंने कहा, हम जल्द से जल्द यह करने की कोशिश करेंगे। हालांकि इसके लिए हमें राज्य सरकार से संपर्क करना होगा (कानून में कुछ संशोधन करने के लिए)। ऐसा होते ही कर्मचारियों की सभी समस्याएं अपने आप हल हो जाएंगी। इस बीच, युवा सेना के प्रमुख आदित्य ठाकरे ने ट्वीट किया कि पार्टी प्रमुख से मुलाकात के बाद हड़ताल खत्म कर दी गई है। शिवसेना प्रमुख के साथ प्रेस वार्ता में मौजूद बेस्ट के प्रतिनिधि ने कहा, सभी अन्य विकल्प विफल होने के बाद हड़ताल के अलावा हमारे पास कोई रास्ता नहीं बचा था। हम खुश हैं कि साल भर से कर्मचारियों की जो मांगे लटकी पड़ीं थी वह अब आखिरकार पूरी होंगी।

भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने शिवसेना पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी बेस्ट कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने में नाकामयाब रही है। भाजपा विधायक ने पत्रकारों से कहा, बेस्ट की हड़ताल के लिए शिवसेना जिम्मेदार थी और मुंबईवासियों को रक्षा बंधन के दिन परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा जहां वास्तविक विकास के लिए लड़ रही है वहीं शिवसेना के लिए बस अपना विकास मायने रखता है। बेस्ट लगभग 483 मार्गो पर 3700 बसों का संचालन करता है जिसमें प्रतिदिन 30 लाख से ज्यादा यात्री सफर करते हैं। इसकी परिवहन शाखा को रोजाना तकरीबन दो करोड़ रूपये से ऊपर के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।