मराठा आंदोलन से मुंबई हुई बेहाल


मुंबई की सड़कों पर माराठा क्रांति मोर्चा द्वारा आयोजित मार्च के समर्थन में लाखों लोग उतर आए हैं। कई जगहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई है।

बता दे कि मराठा क्रांति मोर्चा, मराठा समुदाय सरकारी नौकरी और पढ़ाई-लिखाई में मराठा के लिए आरक्षण की मांग और अहमदनगर जिले के कोपार्डी में हुए गैंगरेप व हत्या के आरोपियों को मौत की सजा देने की मांग को लेकर यह आंदोलन कर रहा है। यह तीसरी रैली है। इससे पहले हुई दो बार की रैलियां आपसी मतभेदों के चलते फेल हो गईं। इस आदोलन के तहत मुंबई में कई जगहों पर जाम लग गया है।

मुंबई के छात्रों, सरकारी कर्मचारियों और डब्बवालों ने भी भगवा झंडा हाथ में ले कर विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।

पुलिस के मुताबिक इस प्रदर्शन में 2 लाख से अधिक प्रदर्शनकारी हाथ में भगवा ध्वज लिए हुए मुबई की सड़कों पर उतरे लेकिन इस दौरान हिंसा का एक भी मामला सामने नहीं आया। शिवसेना कार्यकर्ता भी इस प्रदर्शन में शामिल हो गए।

इस जुलूस को राज्य के आयोजकों द्वारा मराठा तूफ़ान की संज्ञा भी दी जा सकती है, जो कि महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के समय आया है। ये स्थिति महाराष्ट्र में सत्ताधारी बीजेपी और शिवसेना के लिए एक चुनौती के रूप में उभरा है।

पिछले हफ्ते महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने रैली आयोजित करने से पहले सरकार के साथ अपने लंबित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मराठा समुदाय के नेताओं से अपील की थी।

उन्होंने कहा था कि सरकार ने अपनी अधिकांश मांगों पर निर्णय ले लिया है हमने छात्रों के लाभ के लिए आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए 5 लाख रुपये से 6 लाख रुपये की वार्षिक पारिवारिक आय बढ़ाकर पात्रता में संशोधन किया है।

वही आपको ये भी बता दे कि ये सुबह 11 बजे जीजामाता उद्घान से शुरू हुआ यह मूक मार्च आजाद मैदान पंहुचा। प्रदर्शन शांति पूर्वक किया जाएगा इसका वादा किया गया है। इसमें कोई नारेबाजी और भाषणबाजी नहीं है, ना ही इस मोर्चे में किसी राजनीतिक दल का बैनर है।

फिर भी प्रशासन अपनी तरफ से पूरी तैयारी कर चुका है। दस हजार पुलिसकर्मियों के साथ-साथ ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए पूरे मार्च पर नजर रखी जा रही है। माना जा रहा है कि लगभग 10 लाख लोग सड़कों पर होंगे। इसके अलावा दक्षिण मुंबई के स्कूलों को बंद रखा गया है। कुछ सड़कों पर ट्रैफिक की आवाजाही भी रोक दी गई है।

माना जा रहा है कि मराठा समुदाय की आरक्षण के लिए यह आखिरी रैली होगी। ये लोग सरकारी नौकरी और पढ़ाई-लिखाई में मराठा के लिए आरक्षण की मांग कर रहे हैं। यह तीसरी रैली है। इससे पहले हुई दो बार की रैलियां आपसी मतभेदों के चलते फेल हो गईं।

मार्च के चलते स्कूल किए गए बंद
मराठा मार्च के चलते पूरे शहर के स्कूलों को बंद कर दिया गया है। जिस रास्ते पर इस मार्च को निकाला जाएगा वो पूरा रास्ता सुबह से ही ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही मुंबई के डब्बावाले भी इस मार्च के समर्थन में और इसमें हिस्सा लेने के लिए आज काम नहीं करेंगे।

आपको बता दे कि पिछले वर्ष से अब तक 57 मार्च निकालें जा चुके है। यह 58वां मार्च होगा। विभिन्न मराठा समूहों को एकजुट करने वाला सकल मराठा समाज इस कार्यक्रम का आयोजक है।