‘मन की बात’ में मोदी ने किया योग से लेकर पर्यावरण तक का जिक्र


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 32वीं बार ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिये देश को संबोधित किया। मोदी ने देश-दुनिया के मुसलमानों को रमजान की मुबारकबाद दी और इसके साथ ही कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि नौजवान कंफर्ट जोन से बाहर निकलें और जोखिम लें, यही तो काम करने की उम्र है। इसके साथ ही उन्होंने योग के प्रति लोगों में रुचि जगाने के साथ लोगों से कचरा प्रबंधन का आह्वान किया।उन्होंने कहा की 21 जून को विश्व योग दिवस पूरी दुनिया मनाती है, यह लोगों को जोड़ रहा है। मन की बात कार्यक्रम में मोदी ने योग की खूबियों का जिक्र करते कहा की इस बार योग करते हुए तीन पीढ़ियों एक साथ तस्वीर लेकर MyGov App पर अपलोड करें।

मोदी ने आज अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात में कहा, ”पिछले 15 दिन, महीने से, लगातार अखबार हो, टी.वी. चैनल हो, सोशल मीडिया हो, वर्तमान सरकार के तीन वर्ष का लेखा-जोखा चल रहा है। तीन साल पूर्व आपने मुझे प्रधान सेवक का दायित्व दिया था। ढेर सारे सर्वे हुए हैं, ढेर सारी रायशुमारी आयी हैं।” उन्होंने कहा, ”मैं इस सारी प्रक्रिया को बहुत ही स्वस्थ संकेत के रूप में देखता हूं। मैं उन सब लोगों का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने समय निकाल करके हमारे काम की गहराई से विवेचना की, कहीं सराहना हुई, कहीं समर्थन आया, कहीं कमियां निकाली गई, मैं इन सब बातों का बहुत महत्व समझता हूं। मैं उन लोगों को भी धन्यवाद देता हूं जिन्होंने आलोचनात्मक और महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया दी हैं।

पीएम मोदी ने देशवासियों से कूड़ा प्रबंधन में भागीदार बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों के सहयोग से जनप्रतिनिधियों की मदद से कूड़ा प्रबंधन का महत्वपूर्ण अभियान छेड़ना तय किया है। विश्व पर्यावरण दिवस पर देश के चार हजार नगरों में सॉलिड और लिक्विड वेस्ट को कलेक्ट करने के लिए हरे व नीले रंग के कूड़ेदान उपलब्ध होंगे। कचरा प्रबंधन पर जोर देते हुए देशवासियों से गीले और सूखे कचरे को अलग अलग रखने का आह्वान किया, ताकि इनका खाद बनाने या रीसाइकिल करने में इस्तेमाल किया जा सके।उन्होंने कहा, आज वीर सवारकर जी की जयंती है। मैं देश के युवा पीढ़ी को कहुंगा कि कभी मौका मिले तो हमारी आजादी की जंग के तीर्थ क्षेत्र सेल्युलर जेल ज़रूर जाएं।