असम के 15 जिले फिर बाढ़ की चपेट में


गुवाहाटी : ऊपरी असम और पड़ोसी अरुणाचल प्रदेश में तेज बारिश तथा भूटान से प्रबल मात्रा में पानी आने के कारण राज्य के 15 जिलों में एक बार फिर बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। ब्रह्मपुत्र के अलावा बेकी, बूढि़दिहिंग, धनश्री, जियाभराली, पुठिमारी और सनकोष जैसी कहर बरपाने वाली नदियां कई जगहों पर खतरे का निशान पार कर चुकी हैं। कुल 781 गांव प्रभावित बताए गए हैं। आने वाले दो-तीन दिनों के दौरान असम सहित पूर्वोत्तर के कुछ अन्य राज्यों में भारी से भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक धेमाजी, लखीमपुर, विश्वनाथ, बाक्सा, बरपेटा, बंगाईगांव, चिरांग, कोकराझाड़, धुबड़ी, जोरहाट, माजुली, शिवसागर, गोलाघाट, चराईदेउ, डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया जिलों के कुल 45 राजस्व क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इस इलाकों के 3 लाख 54 हजार 326 लोग प्रभावित हुए हैं। इस बीच नई दिल्ली से मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने सभी उपायुक्तों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने का निर्देश दिया। वहीं उन्होंने मुख्य सचिव वीके पीपरसेनिया को भी स्थिति पर नजर बनाए रखने को कहा।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मुख्य सचिव पीपरसेनिया ने जनता भवन में सभी जिलों के उपायुक्तों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए स्थिति का जायजा लिया। लगभग 45 मिनट चली इस बैठक में उपायुक्तों को बचाव एवं राहत कार्य तेज करने को कहा गया है। वहीं उपायुक्तों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में भी स्वंय जाकर रिपोर्ट संग्रह कर रोजाना भेजने को कहा गया है। भारी बारिश के कारण डिब्रूगढ़ में ब्रह्मपुत्र खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। रहमरिया में कई घर व प्रतिष्ठान ब्रह्मपुत्र की कटाव में समा गए।

इसी तरह फिर से नीपको द्वारा पानी छोडऩे के कारण लखीमपुर में तबाही का आलम है। लखीमपुर में स्थिति बिगड़ते देख जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित किया है। इसी तरह मोरिगांव जिले के लाहरीघाट भी बाढ़ में डूब गया है। यहां पलाशगुड़ी, बगलीपाड़ा, कापोरपुरा, टिलापाड़ा समेत सात गांव डूब गए हैं। डिमौ में भी बाढ़ का तांडव देखने को मिल रहा है। यहां दिहिंग नदी ने विकराल रूप धारण किया है। वहीं तिनसुकिया में भी लगभग पचास गांव बाढ़ की चपेट में है।

कलियापानी, दीघलतरंग, मतापुंग, बाघजान, नतुनगांव, एरासूति, लाइका, दधिया आदि समेत कई गांव डिब्रू नदी की चपेट में हैं। शोनितपुर जिले में भी जियाभराली नदी में रौद्र रूप धारण किया है। स्थानीय लोगों ने यहां बाढ़ के पानी में बह आए हाथी के एक बच्चे को बचाया जबकि चराइदेउ जिले में स्टेट बैंक की सोनारी शाखा बाढ़ के पानी में डूब गया है। इसी तरह कलियाबर, धेमाजी, कोकराझाड़, टीयक, माजुली, बंगाईगांव, और बरपेटा में बाढ़ के कारण लोग प्रभावित हुए हैं। इन जिलों में भी स्थिति भयावह बनी हुई है। इधर प्रतिकूल मौसम के कारण गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ के बीच विमान सेवा भी बंद कर दी गई है।