दार्जिलिंग के स्कूलों को खाली करने को कहा


दार्जिलिंग : पश्चिम बंगाल का बंटवारा करके अलग गोरखालैंड राज्य की मांग के लिए अनिश्चितकालीन हड़ताल करने वाले गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) ने दार्जिलिंग के सभी स्कूलों को खाली करने को कहा है और इसके लिए स्कूलों को 23 जून को बंद से 12 घंटे की छूट दी है। कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा हड़ताल को अवैध ठहराये जाने के बावजूद बंद के कारण आज 10वें दिन भी आम जनजीवन ठप रहा और टेलीविजन और इंटरनेट सेवाएं बंद रहने से लोगों खासकर छात्रों को मुश्किलों का समना करना पड़ा।

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जीजेएम अध्यक्ष विनय तमांग ने बयान में कहा कि शुक्रवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। केवल छात्रों को इससे छूट मिलेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों को केवल स्कूल बसों में जाने दिया जायेगा। दार्जिलिंग देश के सबसे पुराने और बेहतरीन बोर्डिंग स्कूलोंं के लिए जाना जाता है। बंद के कारण छात्रों को कठिन परस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। इस वर्ष 12 की परीक्षा उतीर्ण करने वाले सैकड़ों छात्र आगे की पढ़ाई के लिए दार्जिलिंग से बाहर जाने के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।

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एक छात्र ने कहा मैं क्या करूं, मैंने वेस्ट बंगाल ज्वाइंट एक्जाम पास किया है। हड़ताल के कारण मैं बाहर नहीं जा सकता और नेट सेवा बंद होने के कारण ऑन लाइन आवेदन भी नहीं कर सकता। कोलकाता अथवा सिलीगुड़ी जाने के लिए बसें भी नहीं मिलती हैं कि वहां प्रवेश के लिए आवेदन कर सकूं। इससे पहले मंगलवार को सर्वदलीय बैठक में प्रस्ताव पारित करके कहा गया कि सुरक्षा बलों के हटने तक हड़ताल जारी रहेगी। राज्य सरकार की सर्वदलीय बैठक के बहिष्कार का फैसला भी लिया गया। इसके अलावा एक सर्वदलीय समन्वय समिति गठित करके प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से मिलने का फैसला लिया गया। इस बैठक में जेजीएम ने गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) पर हुए त्रिपक्षीय समझौते से अलग होने का भी फैसला लिया।