चटगांव से त्रिपुरा तक गैस पाइप लाइन के लिए विचार-विमर्श जारी


अगरतला, (भाषा): पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय पूर्वाेत्तर राज्यों में रसोई गैस की कमी का संकट दूर करने के लिए बंगलादेश के बंदरगाह शहर चटगांव से त्रिपुरा तक प्राकृतिक गैस पाइपलाइन बनाने पर विचार कर रहा है। इस सिलसिले में बंगलादेश के साथ बातचीत जारी है। केंद्रीय तेल मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने आज यहां संवाददाताओं से यहां बातचीत में कहा- हम पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी से बंगलादेश के पार्वतीपुर तक डीजल के लिए पाइपलाइन बिछा रहे हैं। असम के नुमालीगढ़ तेल शोधन संयंत्र से सिलिगुड़ी डीजल ले जाने के लिए पाइपलाइन बिछी हुई है।

इसके बदले में हमने चिटगांव से त्रिपुरा तक के गैस पाइपलाइन का प्रस्ताव दिया है। हम इस मामले में कूटनीतिक तरीके से आगे बढ़ रहे हैं और मैं जल्दी ही इस संबंध में बंगलादेश का दौरा भी करूंगा। प्रधान ने कहा कि बंगलादेश से इसकी मंजूरी मिलने पर रेल पटरियों के किनारे पाइपलाइन बिछाई जाएगी जो भारत-बंगलादेश सीमा के पास से गुजरती है।

प्रधान ने त्रिपुरा में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरूआत करते हुए गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले 20 परिवारों को रसोई गैस कनैक्शन वितरित किया। त्रिपुरा में 9.22 लाख परिवारों के पास रसोई गैस कनेक्शन हैं तथा आने वाले दिनों में हर घर में रसोई गैस कनैक्शन के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने इस मौके पर 60,000 टन वार्षिक क्षमता के गैस-बाटलिंग क्षमता संयंत्र का उद्घाटन किया।

इसे वर्ष 2019 तक तैयार कर लिया जाएगा तथा इस पर 143 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने कहा- पुराने बाटलिंग संयंत्र से 9.22 लाख कनेक्शनों में से 4.5 लाख उपभोक्ताओं की जरूरतें पूरी की जा रही हैं। नये संयंत्र की शुरुआत के बाद इसकी आपूॢत क्षमता दो गुना हो जाएगी और अधिकांश घरों की जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा।

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