डीए बढ़ाने के सीएम के एलान पर क्या कर रही है सरकार : अदालत


कोलकाता : कलकथा उच्च न्यायालय ने आज पश्चिम बंगाल सरकार से पूछा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों का महंगाई भथा (डीए) बढ़ाने के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एलान को लागू करने के लिए वह क्या कर रही है? अदालत ने कर्मचारियों की मांग पर बनर्जी की कथित टिप्पणी को दुर्भाज्ञपूर्ण भी करार दिया। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश निशिता म्हात्रे और न्यायमूर्ति टी चक्रवर्ती की खंडपीठ ने राज्य के महाधिवक्ता किशोर दथा से पूछा कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों का महंगाई भथा बढ़ाने के वास्ते अधिसूचना जारी करने के लिए क्या कर रही है।

अदालत ने यह सवाल तब किया जब महाधिवक्ता ने उसे बताया कि मुख्यमंत्री ने जनवरी 2018 से राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भथे में 15 फीसद की बढ़ोथरी की घोषणा की है और बाकी 39 फीसद का बकाया 2019 के आखिर तक केंद्रीय डीए के साथ दिया जाएगा। कर्मचारियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए पीठ ने महाधिवक्ता से पूछा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री की घोषणा के संदर्भ में गजट अधिसूचना जारी करने के लिए क्या कर रही है। कर्मचारियों ने अपनी याचिका में डीए बढ़ाने और उसे केंद सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों को दिये जा रहे इस भथे के बराबर करने की मांग की है।

महाधिवक्ता ने जरूरी कदमों के लिए कुछ वक्त मांगा। अदालत ने बुधवार तक का समय दिया और तब तक के लिए सुनवाई स्थगित करने की मांग की। कंफेडरेशन ऑफ स्टेट गवर्नमेंट एम्प्लाईज के वकील अमजद अली ने कहा कि कर्मचारी भौंक नहीं रहे हैं जैसा कि मुख्यमंत्री ने कहा है, बल्कि वे अपना अपना हक मांग रहे हैं। एक कर्मचारी के वकील विकास भट्टाचार्य ने मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी को असभ्य बताया। इस पर न्यायालय ने कहा कि जैसा कि वकील कह रहे हैं उस हिसाब से शब्दों का चयन दुर्भाज्ञपूर्ण है।