नगालैंड में जेलियांग ने किया सरकार बनाने का दावा


कोहिमा : नगालैंड के पूर्व मुख्यमंत्री टी.आर. जेलियांग ने निवर्तमान मुख्यमंत्री शुरहोजेली लिजित्सु को हटाकर नई सरकार बनाने का दावा किया है जिससे राज्य में आज राजनीतिक संकट पैदा हो गया। जेलियांग ने राज्य विधानसभा में 59 विधायकों में से 41 विधायकों के समर्थन का दावा किया है और राज्यपाल पी.बी. आचार्य को पत्र लिखकर उनसे नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) नीत डीएएन की सरकार जल्द से जल्द बनाने का आग्रह किया है। जेलियांग के इस कदम के बाद लिजित्सु ने चार मंत्रियों और 11 संसदीय सचिवों को बर्खास्त कर दिया।

शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने के निर्णय के खिलाफ राज्य भर में हुए प्रदर्शन के बाद जेलियांग को 22 फरवरी को इस्तीफा देना पड़ा था। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ एनपीएफ विधायकों में से अधिकतर ने मुख्यमंत्री लिजित्सु के खिलाफ विद्रोह कर दिया है और उनके पास 41 विधायकों का समर्थन है। राज्यपाल को लिखे पत्र में जेलियांग ने कहा कि एनपीएफ विधायक दल की चार जून को हुई बैठक में 47 में से 34 पार्टी विधायकों ने उनका समर्थन किया और वे चाहते हैं कि नयी सरकार बनाने का दावा किया जाए।

पत्र में कहा गया है कि विधायकों ने अपील की कि अभी तक विधानसभा का सदस्य नहीं बने लिजित्सु इस्तीफा दें ताकि जेलियांग नये मुख्यमंत्री बन सकें। जेलियांग ने दावा किया कि सात निर्दलीय विधायकों ने भी उन्हें समर्थन दिया है जिससे 59 में से उनके पास 41 विधायकों का समर्थन हो गया है। एनपीएफ के सूत्रों ने बताया कि जेलियांग का समर्थन करने वाले एनपीएफ के 34 विधायक असम के काजीरंगा के एक रिसॉर्ट में डेरा डाले हुए हैं जहां कल शाम उनकी बैठक हुई।

उन्होंने बताया कि 33 विधायक जेलियांग के समर्थन में है जबकि 11 विधायक लिजित्सु और लोकसभा सांसद तथा पूर्व मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो के समर्थन में हैं। 60 सदस्यीय विधानसभा में शेष विधायक तटस्थ हैं। इस बीच मुख्यमंत्री ने चार मंत्र्ाियों गृह मंत्री वाई पट्टोन, ऊर्जा मंत्री सी किपिली सांगताम, वन मंत्री इन कांग एल इमचेन और पीडब्ल्यूडी (एनएच) मंत्री काइतो आये को बर्खास्त कर दिया। मुख्यमंत्री ने कल रात 11 संसदीय सचिवों और मुख्यमंत्री के वित्त सलाहकार टी.आर. जेलियांग (कैबिनेट दर्जा) को बर्खास्त करने के आदेश जारी किए थे।