पूर्वोत्तर में बाढ़ पर मोदी दु:खी


नई दिल्ली, (वार्ता): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ से हुए जानमाल के भारी नुकसान पर आज गहरा दुख व्यक्त किया और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू को व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने को कहा। श्री मोदी ने ट्विटर पर हुए कहा- पूर्वोत्तर क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में बाढ़ से बिगड़ती स्थिति पर मैं बहुत दुखी हूं। बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के लिए मेरी समवेदनाएं हैं। उन्होंने कहा कि संपूर्ण राष्ट्र संकट की इस घड़ी में पूर्वोत्तर के लोगों के साथ खड़ा है। केंद्र सरकार बाढ़ से प्रभावित सभी राज्यों को हालात सामान्य करने में पूरा सहयोग देगी।

उन्होंने श्री रिजिजू को व्यक्तिगत रूप से बाढ़ से निपटने के उपायों की निगरानी करने को कहा है। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, मैंने अपने सहयोगी किरेन रिजिजू से बचाव, राहत अभियान तथा अन्य सुविधाओं की व्यक्तिगत रुप से निगरानी करने को कहा है। श्री मोदी ने हालात की जानकारी लेने के लिए अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और अन्य अधिकारियों से बातचीत की है। उन्होंने लिखा, “बाढ़ की स्थिति की जानकारी लेने के लिए मैंनें अरुणाचल प्रदेश के मुख्य पेमा खांडू तथा दिल्ली तथा राज्य में अन्य संबंधित अधिकारियों से बात की है।”

पूर्वोत्तर में हो रही भारी बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और यह कई क्षेत्रों में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। कई क्षेत्र में बाढ़ का पानी आने से जनजीवन अस्तव्यस्त हुआ है। एक खबर के अनुसार काजीरंगा नेशनल पार्क के बड़े हिस्से में पानी भर गया है। ब्रह्मपुत्र कांतापुर जिले में भी खतरे के निशान से करीब 32 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। इसके अलावा गोलपाड़ा तथा धुबरी में भी जल स्तर बढा हुआ है और यह खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है। अरुणाचल प्रदेश के पांपरे जिले में मूसलाधार बारिश के कारण हुए भूस्खलन की चपेट में आने से 12 लोगों की मौत हो गयी। पांच मकान भी भूस्खलन के कारण मलबे के नीचे दब गये हैं।