दार्जिलिंग में तनाव शव के साथ रैली


दार्जिलिंग: दार्जिलिंग आज भी तनाव से घिरा रहा जहां हजारों प्रदर्शनकारी जीजेएम के एक कार्यकर्ता के शव को लेकर चौक बाजार में जमा हुए और उन्होंने अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर नारेबाजी की। पुलिस के साथ संघर्ष में जीजेएम कार्यकर्ता मारा गया था। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कल हुई झड़पों के बाद पश्चिम बंगाल के इस पर्वतीय जिले में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।

शहर के बीचोंबीच स्थित चौक बाजार में प्रदर्शनकारी काले झंडे और तिरंगा लेकर एकत्रित हुए। उन्होंने नारेबाजी की और दार्जिलिंग से तत्काल पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों को हटाने की मांग की। दार्जिलिंग से जीजेएम के विधायक अमर राय ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘हमारा मानना है कि बातचीत के लिहाज से सकारात्मक माहौल बनाने के लिए दार्जिलिंग से पुलिस और सुरक्षाकर्मियों को तत्काल हटाया जाना चाहिए।

सरकार को हमें शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन करने देना चाहिए।’ जीजेएम ने दावा किया है कि पुलिस ने कल सिंगमारी में उनके दो समर्थकों की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने अपने कर्मियों द्वारा गोलीबारी करने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि झड़प के दौरान एक व्यक्ति की मौत हुई है।

दार्जिलिंग में कुछ साल के अंतराल के बाद बीते आठ जून को फिर से हिंसक प्रदर्शनों की शुरुआत हुई और तब से मौत का यह पहला मामला है।  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कल कहा था कि दार्जिलिंग में चल रहे आंदोलन में गहरी साजिश है और इसे पूर्वाेत्तर और कुछ अन्य देशों के विद्रोही समूहों का समर्थन प्राप्त है। जीजेएम ने ममता के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह अस्मिता के लिए चल रही गोरखाओं की लड़ाई को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं।