3 सालों में नहीं लगा भ्रष्टाचार का दाग


नई दिल्ली : इन 3 सालों में मोदी मोदी कर रही जनता के विश्वास को जीता है मोदी सरकार ने। जी हाँ, हम बात कर रहे है उस सरकार की जिसका नारा है सबका साथ सबका विकास । मोदी इसी नारे के साथ सत्ता में आई और जनता का विश्वास जीता । मोदी सरकार के कार्यकाल को 3 साल हो जाने के बावजूद सरकार पर भ्रष्टाचार का कोई दाग नहीं लगा है।लेकिन पाकिस्तान, कश्मीर, महंगाई, बेरोजगारी और विदेशों से काला धन वापस लाने जैसे मसलों को लेकर उस पर विफलता के आरोप लगे है । साल 2014 में 26 मई को सत्ता में आई  सरकार ने नये भारत के निर्माण का संकल्प व्यक्त किया और सरकार की कार्य संस्कृति बदलने तथा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की दिशा उसने कई अहम फैसले लेकर आलोचकों के मुंह बंद कर दिये।

इनमें नोटबंदी, जीएसटी, रेल बजट को आम बजट में मिलाना, बजट पेश करने के समय बदलना तथा पाकिस्तान के विरुद्ध सर्जिकल स्ट्राइक अहम हैं। सत्ता संभालते ही ‘ना खाउंगा न खाने दूंगा’ का एलान करने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने भ्रष्टाचार और कालेधन पर रोक लगाने के लिये न केवल नोटबंदी के जरिये 500 और 1000 के नोट पर रोक लगाने का ऐतिहासिक और साहसिक कदम उठाया बल्कि बेनामी संपत्ति पर रोक लगाने और रियल एस्टेट कारोबार में पारदर्शिता लाने का कानून बनाया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लगातार प्रयासों से देश नकदी रहित लेनदेन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा।

भ्रष्टाचार दूर करने के लिए मोदी सरकार ने कई कदम उठाये लेकिन वह अभी तक लोकपाल की नियुक्ति नहीं कर पाई है जिससे उसे विपक्ष की आलोचना झेलनी पड़ रही है। विपक्ष में रहते आधार संख्या का विरोध करती रही बीजेपी ने सत्ता में आने के बाद आधार और पैन कार्ड के साथ-साथ अपनी सभी योजनाओं को इससे जोड़ दिया।  इसके कारण निजता के हनन और व्यवहारिक दिक्कतों के चलते इसका विरोध हो रहा है और यह मामला उच्चतम न्यायालय में पहुंच गया जहां अभी इस पर अंतिम फैसला आना बाकी है।

सत्ता संभालते ही सरकार ने बड़े जोर-शोर से स्वच्छता मिशन से देश भर में साफ सफाई के प्रति एक आंदोलन खड़ा किया तथा गरीब गुरबे को छत मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, स्मार्ट सिटी योजना तथा गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाली ग्रामीण महिलाओं को उज्ज्वला कार्यक्रम के तहत मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन जैसी लोक कल्याणकारी योजनाएं शुरू की। इसके साथ ही देश को विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनाने के लिए महत्वाकांक्षी मेक इन इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजीटल इंडिया, स्टैन्ड अप इंडिया, मुद्रा और जन धन योजना भी लाई  गई।

मोदी सरकार ने गरीबों तथा आम आदमी की स्थिति सुधारने के लिये सरकारी नीतियों में फेरबदल कर कई नई नीतियां और योजनायें बनायी जिनमें नई स्वास्थ्य नीति, सस्ते हवाई सफर के लिए उड़ान योजना और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति शामिल हैं। इसके अलावा शिक्षा क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन लाने के लिए नयी शिक्षा नीति बनाने का काम शुरू किया।

देश की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार ने रक्षा नीति को नया स्वरूप दिया। देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने तथा भारत की पहचान रक्षा उत्पाद खरीदने वाले देश के बजाय रक्षा उत्पाद निर्यात करने वाले देश के रूप में निखारने की दिशा में कई पहल की गयी। मेक इन इंडिया योजना के तहत निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने वाले प्रोत्साहन कार्यक्रम लाये गये।

एयर फाॅर्स के निरंतर कम होते लड़ाकू विमानों के बेड़े को मजबूती देने के लिए फ्रांस से सरकार के स्तर पर राफेल विमानों की खरीद को अंतिम रूप दिया गया तो करीब 3 दशक बाद सेना को नई तोप मिलने का सिलसिला शुरू हुआ।  इंडियन नेवी की समुद्री ताकत बढाने के लिए देश में ही पनडुब्बी बनाने की परियोजना शुरू हुई।

log in

reset password

Back to
log in
Choose A Format
Poll
Voting to make decisions or determine opinions
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals
List
The Classic Internet Listicles
Video
Youtube, Vimeo or Vine Embeds
Thanks for loving our story. Like our Facebook page to get more stories.

Send this to a friend