झारखंड में सभी पंचायत होंगी क्रियाशील


रांची : मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा ने निर्देश दिया है कि सभी पंचायत सचिवालयों को क्रियाशील बनाने के लिये पंचायत सेवकों एवं स्वयं सेवकों को रिसोर्स पर्सन बनायें ताकि पंचायत सचिवालय के माध्यम से सरकार की योजनाओं को ग्राम स्तर पर जमीन पर उतारा जा सके। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करायें कि पंचायत सचिवालय में रोजगार दिवस का आयोजन हो तथा शिकायत पेटी वहां रखी जाय साथ ही सप्ताह में दो दिन मुखिया सचिवालय में बैठें और जन शिकायतों को सुनें।

वे आज ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में वीडियो कॉफे्रंसिंग के माध्यम से सभी जिला के उप विकास आयुक्त को निदेश दे रही थीं। श्रीमती वर्मा ने निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित करें कि हर माह ग्राम पंचायत समन्य समिति की बैठक हो तथा बिजनेस कॉरेस्पॉडेंट एवं प्रज्ञा केन्द्र जो अन्यत्र स्थापित हैं, को सचिवालय में स्थापित किया जाय। साथ ही ग्राम समिति को एक रूम दिया जाय। उन्होंने कहा कि पंचायतवार समीक्षा कर एक समयबद्ध रूप से पंचायत सचिवालयों को क्रियाशील बनायें।

मनरेगा की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक गांव में कम से कम मनरेगा से संबंधित तीन योजनाओं को चालू किया जाये ताकि ज्यादा से ज्यादा रोजगार कार्य दिवस का सृजन किया जा सके। इससे जहां एक ओर पलायन रूकेगा वहीं लोगों को रोजी रोटी के लिये बाहर भटकना नहीं पड़ेगा। उन्होंने निदेश दिया कि मनरेगा में किसी भी प्रकार की बिचौलियों की भूमिका न हो, यह सुनिश्चित किया जाये ।

उन्होंने कहा कि सखी मंडल को मैट्स बनायें ताकि सही हाथों में मनरेगा की राशि पहुंच सके साथ ही मनरेगा मजदूरों के हितों से संबंधित बातों का प्रचार करें। उन्होंने कहा कि मजदूरों को बताया जाय कि वे अपना जॉब कार्ड एवं रूपे कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को न दें। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के क्रम में निदेशित किया गया कि 2016-17 में जिन लाभुकों को आवास की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, उन्हें हर हाल में अक्टूबर माह तक पूरा करें।

उन्होनें कहा कि निर्माणाधीन आवासों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए राशि की विमुक्ति, सामग्री, मिस्त्री आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय। उन्होंने कहा कि 50 हजार सखी मंडलों के बैंक लिंकेज हेतु कार्रवाई सुनिश्चित की जाय। बैठक में मुख्य रूप से अपर मुख्य सचिव ग्रामीण विकास विभाग एन एन सिन्हा, मनरेगा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।