झारखंड में बिजली व्यवस्था होगी दुरुस्त


रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि जब से उन्होंने सत्ता संभाली, राज्य में बिजली व्यवस्था दूरुस्त करना उनकी प्राथमिकता में रहा है। राज्य में राजनीति अस्थिरता के कारण बिजली व्यवस्था की आधारभूत संरचना हेतु पर्याप्त काम नहीं हुए थे। सबस्टेशन, ट्रांसफार्मर, ट्रांसमिशन लाइन आदि की भारी कमी थी। उन्होंने कहा कि सरकार में आते ही जेनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए अलग-अलग निगम बनाये। प्रोफेशनल तरीके से उन्हें चलाने के लिए प्रबंध निदेशक की नियुक्ति की गयी।

इसके बाद राज्य में बिजली की आधारभूत संरचना सुधारने का काम शुरू किया गया। जल्द ही लोगों को इसका व्यापक लाभ मिलेगा। वे आज झारखंड मंत्रालय स्थित सभागार में झारखंड ऊर्जा विकास निगम व उसकी अनुषंगी कंपनियों के लिए चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री दास ने कहा कि राज्य के हर घर में वर्ष 2018 तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

हमारी सरकार लोगों को निर्बाध और क्वालिटी बिजली देने के लिए संकल्पित है। इस लक्ष्य को समयबद्ध व चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। इसी कड़ी में विभाग में मानव बल की कमी को दूर करने के लिए आज पांच विभिन्न पदों पर 589 लोगों को नियुक्ति पत्र सौंपे गये हैं। अगले माह और लोगों को नियुक्ति पत्र दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के सरकारी विभागों में मानवबल की काफी कमी है। वोट बैंक की राजनीति के कारण राज्य में स्थानीय नीति परिभाषित नहीं की गयी थी।

इस कारण नियुक्तियां नहीं हो पा रही थीं। हमारी सरकार ने स्थानीय नीति परिभाषित की। इसका लाभ यहां के लोगों को हुआ। आज चयनित 589 लोगों में 169 अनुसूचित जनजाति, 65 अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग के 142 छात्र हैं। 19 दिव्यांगों का भी चयन हुआ है। अगले माह लाइनमैन और स्वीचबोर्ड ऑपरेटरों के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी। इसके बाद विभाग में पर्याप्त मानवबल उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों से कहा कि व्यक्ति की पहचान पद से नहीं कर्म से होती है।

ऐसा काम करें कि लोग सदियों तक आपके काम की मिसाल दें। ईमानदारी और लगन से काम कर राज्य के आदिवासी, दलित, पिछड़े, वंचितों तक बिजली पहुंचाने का काम पूरा करें। बिजली मिल जाने से ही लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव होने लगेंगे। आज के तकनीकी युग में बिजली की जरूरत और ज्यादा बढ़ गयी है। आज अपना काम ईमानदारीपूवर्क करना ही देश सेवा है। अनुशासन में रहकर काम करें। भ्रष्टाचार को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

कार्यक्रम में ऊर्जा विभाग के सचिव नीतीन मदन कुलकर्णी ने बताया कि 589 चयनित छात्रों में 87 सहायक अभियंता, 22 लेखा पदाधिकारी, 130 कनीय अभियंता, 200 कनीय लेखा लिपिक व 150 कार्यालय सहायक हैं। इसके पहले तीन मार्च 2016 को 500 पदों के लिए नियुक्ति पत्र का वितरण किया गया था। आज की नियुक्ति में आदिम जनजाति समूह से सहायक अभियंता के पद पर श्री एजरा विजय माल्टो का चयन किया गया है, जो सौर पहाडिय़ा परिवार से है।

कनीय लेखा लिपिक के पद पर राजेश बेंग (असुर) व मथुरा सबर (सबर) का चयन हुआ है। माल पहाडिय़ा परिवार से आनेवाले मनु पहाडिय़ा का चयन कार्यालय सहायक के पद पर हुआ है। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव अमित खरे, जेबीवीएनएल के प्रबंध निदेशक राहुल पुरवार, जेयूएसएनएलके प्रबंध निदेशक निरंजन कुमार समेत बड़ी संख्या में सफल अभ्यर्थी और उनके परिजन उपस्थित थे।

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