खादी बलिदान और स्वाभिमान का प्रतीक


रांची : मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा ने कहा कि खादी से जुडऩे की अनुभूति प्रेरणादायक होती है। खादी बलिदानए वीरता, राष्ट्रप्रेम और स्वाभिमान का प्रतीक है। खादी से जुडऩा हर व्यक्ति का कत्र्तव्य है। उक्त बातें मुख्य सचिव ने श्रावणी खादी मेला 2017 के उदघाटन समारोह में लोगों को संबोधित करते हुए कही। श्रीमती वर्मा ने कहा कि झारखण्ड युवा राज्य है यहां युवाओं की आबादी एक करोड़ से अधिक है। सरकार राज्य के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दे कर उन्हें स्वरोजगार और ग्रामोद्योग से जोडऩे का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में 700 करोड़ रुपये का बजट कौशल प्रशिक्षण के लिए तय किया है। श्रीमती वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ग्रामीण कुटीर उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें महिलाओं और युवाओं को जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री का सपना है कि राज्य की गरीबी को जड़ से समाप्त किया जाये और इसके लिए गरीबों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की जरूरत है। झारखंड राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि बोर्ड कारीगरों के लिए बाजार मजबूत करे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर मदद करने को तैयार है। बोर्ड से उन्होंने कारीगरों को पूंजी और प्रशिक्षण देने के लिए बोर्ड योजना बनाने को कहा। इस मौके पर मुख्य सचिव ने राज्य के सभी लोगों को श्रावणी मेला की शुभकामनाएं दी। श्रीमती वर्मा ने राज्य के किसानों की खुशहाली की भी कामना मंच के माध्यम से की। कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए झारखण्ड राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष संजय सेठ ने कहा कि इस मेले का उद्देश्य राज्य के कारीगरों को बाजार मुहैया करवाना है।

ताकि उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि जल्द ही राज्य में देश का सबसे बड़ा खादी पार्क बन कर तैयार हो जाएगा। पार्क के बन जाने के बाद राज्य में हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और राज्य में तसर का उत्पादन भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में जल्द ही 23 चरखा सेंटर बोर्ड खोलेगी, प्रत्येक सेंटर में 25 चरखा होंगे जो हर दिन खादी के कपड़े तैयार किये जाएंगे।

कार्यक्रम की शुरुआत श्रीमती वर्मा ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस मेले में राज्य के अलग-अलग जिले के कुल 50 स्टाल लगाये गये है, जहां रेशम की राखी, डोकरा आर्ट, खादी वस्त्र, जूट के समान, सजावटी समान के साथ श्रावणी वस्त्र मिल रहे है। यह मेला 29 से 6 अगस्त तक रातू रोड स्थित खादी बोर्ड के परिसर में आयोजित की गयी है। कार्यक्रम में झारखण्ड राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के सदस्यों और चेंबर ऑफ कामर्स के सदस्य सहित अन्य अतिथि उपस्थित थे।