आयुष चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया का विरोध


रांची : झारखंड ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के द्वारा 741 पदों पर आयुष चिकित्सकों के लिए निकाली गई नियुक्ति प्रक्रिया का आयुष चिकित्सकों ने कड़ा विरोध किया है। चिकित्सकों ने आवेदन प्रक्रिया को असंवैधानिक बताया है। चिकित्सकों का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया में पूरे भारत से आवेदन मांगे गए हैं। झारखंड स्टेट आयुष मेडिकल काउंसिल से स्थायी पंजीकरण की अनिवार्यता को अहर्ता की शर्तों में शामिल नहीं किया गया है।

इस प्रक्रिया पर निंदा जताते हुए डॉक्टरों ने बताया कि यह प्रक्रिया झारखंड के चिकित्सकों के साथ सौतेला व्यवहार है। पीडि़त चिकित्सकों ने कहा है कि दूसरे राज्यों में आयुष चिकित्सक की नियुक्ति प्रक्रिया में संबंधित राज्य के आयुष चिकित्सा परिषद से स्थायी रूप से पंजीकृत होना आवश्यक है लेकिन झारखंड सरकार ने यह अनिवार्यता खत्म कर दी है।

इस बावत पीडि़त चिकित्सकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने एनआरएचएम के निदेशक कृपानंद झा से 12 जुलाई को मुलाकात की थी। मुलाकात में चिकित्सकों ने एक ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में चिकित्सकों ने बिहार, असम, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ राज्यों के एनआरएचएम आयुष चिकित्सक नियुक्ति प्रक्रिया नियमावली की प्रत्ति सौंपी थी। चिकित्सकों ने कहा कि निदेशक का रवैया इस मुद्दे पर सकारात्मक नहीं है।

उनसे जब नियमावली में सुधार करने का अनुरोध किया गया तो इससे उन्होंने इंकार कर दिया और कहा कि हम लंदन से भी डॉक्टर बुलाएंगे इसमें कोई सुधार अब नहीं होगा। आयुष चिकित्सकों का संगठन अब इस मुद्दे पर गंभीर हो गया है। साथ ही इस बहाली प्रक्रिया का कड़ा विरोध करने का निर्णय लिया है। विरोध जताने वालों में डा. प्रवीण भारती, डा. पंकज, डा. विक्रम सम्राट, डा. निशांत मोदी, डा. शारदा कुमारी, डा. निगार तरन्नुम, डा. सुबोधकांत चौबे, डा. चंदना महतो, डा. पार्वती सोरेन, डा. तूलिका रोला तिर्की, डा. रूपेश समेत सैकड़ों चिकित्सकों के नाम शामिल हैं।

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