पद्म विभूषण से सम्मानित महान वैज्ञानिक प्रो. यशपाल का निधन


नई दिल्ली : प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक प्रोफ़ेसर यशपाल का निधन हो गया है। वह 90 बरस के थे। उन्हें 1976 में पद्मभूषण सम्मान मिला था और 2013 में पद्मविभूषण मिला था। वह 1983-84 में योजना आयोग के मुख्य सलाहकार रहे। 1986 से 1991 तक यूजीसी के चेयरमैन रहे थे। उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए बनी कमेटी की अगुवाई की थी।

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2007 से 2012 तक जेएनयू के चांसलर रहे थे। वह दूरदर्शन पर विज्ञान से जुड़े कार्यक्रम ‘टर्निंग प्वाइंट’ के एंकर रहे। प्रोफेसर यशपाल को साइंस और इंजिनियरिंग के क्षेत्र में योगदान के लिए जाना जाता है। देश के बड़े वैज्ञानिकों में शुमार प्रोफेसर यशपाल का जन्म 26 नवंबर 1926 को हरियाणा में हुआ था।

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सोमवार को महान अंतरिक्ष वैज्ञानिक प्रोफेसर यूआर राव के निधन की खबरें आई थीं। 85 वर्षीय वैज्ञानिक पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। हार्ट में समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती प्रोफेसर राव ने रविवार रात 2:30 बजे अंतिम सांस ली।

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इसरो (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष यूआर राव को इसी साल पदम विभूषण सम्मान दिया गया था। उडुपी रामचंद्रन राव को भारत की अंतरिक्ष और उपग्रह क्षमताओं के निर्माण और देश के विकास में उनके अनुप्रयोगों का श्रेय जाता है। उन्होंने 1972 में भारत में उपग्रह प्रौद्योगिकी की स्थापना की जिम्मेदारी ली थी.।राव पिछले कई सालों से विदेशी यूनिवर्सिटी समेत कई संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर कार्य कर रहे थे। उन्होंने 10 से ज्यादा इंटरनेशनल अवॉर्ड और कई नेशनल अवॉर्ड जीते थे।

प्रोफेसर यशपाल से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
  • प्रोफेसर यशपाल को 1973 में सरकार ने स्पेस एप्लीकेशन सेंटर का पहला डायरेक्टर नियुक्ता किया था।
  • यशपाल उन लोगों में शामिल थें, जिन्हे भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनकर कहा जाता है।
  • यशपाल को कौसमिक किरणों पर गहरे अध्ययन के लिए भी जाना जाता है।

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  • प्रोफेसर यशपाल ने ही पहली बार बच्चों पर बस्ते के बढ़ते बोझ पर सरकार का ध्यान केंद्रित किया।
  • 1993 में बच्चों की शिक्षा में ओवरबर्डन के मुद्दे पर भारत सरकार ने यशपाल की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई, जिसे यशपाल कमेटी का नाम दिया गया।
  • यशपाल कमेटी ने लर्निंग विथाउट बर्डन नाम की रिपोर्ट बनाई, यह रिपोर्ट शिक्षा के क्षेत्र में बेहद प्रासंगिक है।
  • विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए 2009 में यूनेस्को ने प्रोफेसर यशपाल को कलिंग से सम्मानित किया।
  • प्रोफेसर यशपाल को भारत सरकार ने 1976 में पद्म भूषण और 2013 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया।
  • यशपाल दूरदर्शन पर टर्निंग प्वाइंट नाम के साइंटिफिक प्रोग्राम को होस्ट भी करते थे, जो काफी लोकप्रिय था।
  • वर्ष 2007 से 2012 तक प्रोफेसर यशपाल जवाहर लाल विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर रहे। पाल ने यूजीसी के मुखिया के तौर पर भी काम किया है।
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