नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने अपने पद से दिया इस्तीफा


जाने-माने अर्थशास्त्री और नीति आयोग (राष्‍ट्रीय भारत परिवर्तन संस्‍थान) के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने पद से इस्तीफा दे दिया। कहा जा रहा है कि वह अकादमिक क्षेत्र में वापस लौटेंगे। देश के प्रमुख नीति निर्माता थिंक टैंक से पनगढ़िया के इस्तीफे का शायद ही किसी को अनुमान रहा हो। इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने भी अकादमिक क्षेत्र में लौटने का फैसला किया था।

बता दें कि अरविंद, भारतीय अमेरिकी अर्थशास्त्री और कोलंबिया विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर हैं। इससे पहले अरविंद एशियन विकास बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री थे।

इससे पहले वो मैरीलैंड विश्वविद्यालय में अर्थशास्तर के प्रोफेसर थे। अरविंद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व व्यापार संगठन और यूनाइटेड नेशन्स कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवलपमेंट में भी काम किया है। अरविंद ने प्रिंसटन विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में PHD किया है। मिली जानकारी के अनुसार अरविंद 31 अगस्त तक पद पर बने रहेंगे। अरविंद को भारत सरकार के नागरिक पुरस्कार पद्मभूषण से भी नवाजा जा चुका है।

आपको बता दे कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले वह गुजरात मॉडल और मोदी की आर्थिक नीतियों के समर्थक रहे हैं। इस मसले पर अर्थशास्त्री अमृर्त्य सेन के साथ उनकी बहस ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं।

केंद्र की सत्ता संभालने के बाद मोदी सरकार ने नेहरू युग के योजना आयोग को खत्म कर नीति आयोग का गठन किया तो अरविंद पनगढ़िया को इसका उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उनकी नियुक्ति 5 जनवरी, 2015 को हुई थी। अपने ढाई साल के कार्यकाल में उन्होंने पंचवर्षीय योजनाओंं के स्थान पर नीति आयोग के ‘विजन डॉक्यूमेंट’ बनाने करने और देश में नीति-निर्माण की नई परिपाटी तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।

log in

reset password

Back to
log in
Choose A Format
Poll
Voting to make decisions or determine opinions
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals
List
The Classic Internet Listicles
Video
Youtube, Vimeo or Vine Embeds
Thanks for loving our story. Like our Facebook page to get more stories.

Send this to a friend