प्रणब दा विदाई भाषण के दौरान हुए भावुक , साथ ही संसद में गतिरोध पर दी सीख


राष्ट्रपति पद के रूप में प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। विदाई कार्यक्रम में शामिल होने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन समेत दोनों सदन के सदस्य मौजूर रहे।

आपको बता दे प्रणब दा के विदाई कार्यक्रम में सुमित्रा महाजन ने विदाई भाषण दिया इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के राजनीतिक करियर और उनकी उपलब्धियां बताई उन्होंने कहा कि प्रणब दा ने हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ी इसके बाद सुमित्रा महाजन ने राष्ट्रपति को विदाई भाषण की प्रति भेंट की वहीं उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने बताया कि कैसे प्रणब मुखर्जी ने संसद में रहने के दौरान वहां बहस के स्तर को बढ़ाया।

प्रणब दा ने लोकसभा स्पीकर और उपराष्ट्रपति का धन्यवाद किया । और संसद के सभी सदस्यों का अभिवादन स्वीकार किया । उन्होंने कहा कि मैं 34 साल की उम्र में पहली बार सांसद के रूप 22 जुलाई 1969 को राज्यसभा पहुंचा ।

प्रणब दा जाते-जाते राष्ट्रपति भवन को यादों का खजाना देकर जा रहे हैं। लेकिन प्रणब दा राष्ट्रपति भवन में वह अपनी यादों का झरोखा छोड़ते हुए जा रहे हैं। उन्हें जिस चीज का बेहद शौक था उसका संग्रह वो राष्ट्रपति भवन संग्रहालय को दान देकर जा रहे हैं। आपको बता दे कि उनके इस शौक का जिक्र दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी किया था।

कांग्रेस में उनका कद काफी बड़ा था और वो गाँधी परिवार के बेहद करीबी रहे है आपको बता दे कि इंदिरा गांधी ने क्या कहा था जयंत घोषाल 1985 से उन्हें जानते हैं और प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके प्रणब मुखर्जी के बीच अटूट विश्वास को याद करते हुये कहते हैं कि यहां तक कि श्रीमती गांधी भी कहती थीं कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई कितनी शिद्दत से कोशिश करता है, वह प्रणब दा के मुंह से कभी एक शब्द बाहर नहीं निकलवा सकता। वे सिर्फ प्रणब की पाइप से आता हुआ धुंआ देख सकते हैं।

हैदराबाद हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम में नव-निर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी, मोदी कैबिनेट के मंत्री और एनडीए के सहयोगी दलों के नेता भी शामिल हुए। इस डिनर पार्टी में बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी शामिल हुए जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आमंत्रित किया था।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का जन्म 11 दिसंबर 1935 में पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में हुआ। 1969 से वो लगातार 5 बार राज्यसभा के सांसद चुने गए। 1997 में वो सबसे उत्कृष्ट सांसद चुने गए. साल 2004 में उन्होंने पहली बार चुनावी राजनीति में कदम रखा और लोकसभा में चुनकर पहुंचे इसके बाद 2009 में भी लोकसभा सांसद चुने गए।

आपको बता दे कि प्रणब दा कार्यकाल समाप्त होने के बाद 25 जुलाई को रामनाथ कोविंद का राष्ट्रपति भवन में स्वागत किया जाएगा इसी दिन रामनाथ कोविंद संसद भवन के सेंट्रल हॉल में शपथ ग्रहण करेंगे वह भारत के 14वें राष्ट्रपति होंगे।

log in

reset password

Back to
log in
Choose A Format
Poll
Voting to make decisions or determine opinions
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals
List
The Classic Internet Listicles
Video
Youtube, Vimeo or Vine Embeds
Thanks for loving our story. Like our Facebook page to get more stories.

Send this to a friend