दिल्ली दंगों के 186 केसों की दोबारा जांच सही फैसला


Shri Akal Takht Sahib

लुधियाना- अमृतसर : श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि चीफ खालसा दीवान के पूर्व अध्यक्ष चरणजीत सिंह चड्ढा का मामला 23 जनवरी को होने वाली पांच सिंह साहिबान की बैठक में विचार किया जाएगा। पांच सिंह साहिबान इस मामले में जो भी फैसला लेंगे उसके अनुसार चड्ढा के खिलाफ कोई धार्मिक कार्रवाई की जा सकती है। सिंह साहिब गुरूवार को मीडिया के साथ बात कर रहे थे।

ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि मुबई में श्री गुरू गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के संबंध में आयोजित किए गए धार्मिक कार्यक्रम के दौरान पतित व्यक्ति व बालीवुड गायक मीका की ओर से शब्द कीर्तन गायन करना पूरी तरह गलत है। मीका एक पतित व्यक्ति है। सिख रहत मर्यादा के अनुसार मीका की ओर से शब्द गायन किया जाना मर्यादा के खिलाफ है। सिंह साहिब ने कहा कि कीर्तन गायन दूसरी स्टेज पर चल रहा था। चल रहे कीर्तन दौरान कीर्तन रोका जाना ठीक नहीं था। परंतु कार्यक्रम के प्रबंधकों ने इस गलती को कबूल करते हुए इस बजर गलती की माफी मांग ली है। सिंह साहिब ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान मीका की ओर से भी शब्द गायन किया जाना है इस की उनको कोई भी जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हजूरी में पतित सिख की ओर से कीर्तन किया जाना पूरी तरह मर्यादा के खिलाफ है। इस संबंध में प्रबंधकों को ताडऩा भी की जा चुकी है।

एक सवाल के जवाब में सिंह साहिब ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट  की ओर से दिल्ली सिख कत्लेआम के 186 केसों की जो जांच दोबारा करवाने के केंद्र सरकार को हुकम दिए गए है यह एक बढिया फैसला है। यह फैसला सिखों के जख्मों पर मलहम लगाने का काम करेगा। दोबारा जांच से असल दोषियों को सजा मिलेगी और पीढ़ितों को न्याय मिलेगा। उन्होंने ने सभी राजनीतिक दलों को भी अपील की है कि वे 1984 के दौरान सिखों के साथ हुई बेइंसाफियों के सही दोषियों को सजाएं दिलवाने के लिए राजनीति से उपर उठ कर अपना सहयोग दें।

सिंह साहिब ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि संविधान की धारा 25 बी में संशोधन किया जाए। क्यों कि सिख एक अलग कौम है। सिखों के विवाह शादियों के लिए अनंद मैरिज एक्ट पाकिस्तान समेत कई देशों में लागू हो चुका है। परंतु भारत में अभी तक लागू नहीं हुआ है। भारत में भी इसे लागू किया जाना चाहिए। विदेशी गुरूद्वारों में भारतीय दूतावास के अधिकारियों को न आने देने के लिए वहां के गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटियों के लिए फैसले पर सिंह साहिब ने कहा कि गुरूद्वारा साहिबों में माथा टेकने आने के लिए किसी को भी रोका नही जाना चाहिए। अधिकारी वहां गुरूद्वारों के प्रबंधों आदि में न बोलें। क्यों के ऐसे अधिकारी वहां के सिखों में फूट डालने की कोशिशें करते है। इस लिए अधिकारियों को गुरूद्वारा साहिबों की स्टेजों पर बोलने से पाबंदी लगाई जाए।

– सुनीलराय कामरेड

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