पंजाब में बीएसएफ की निगरानी चौकियां बाढ़ की चपेट में


लुधियाना-फिरोजपुर  : ऊपर पहाड़ी इलाकों में छमाछम तेजी से बरस रही बारिश के कारण सतलुज और ब्यास दरिया में बड़े पानी के स्तर के कारण दरिया के संगम हरिके हैड वर्कस और डाउन स्ट्रीम की तरफ छोड़े जा रहे पानी के तेज बहाव के कारण दरिया किनारे किसानों द्वारा बनाए गए अस्थाई बांध टूट जाने के कारण किसानों की करीब 200 एकड़ से ज्यादा फसलें पानी में डूब चुकी है वहीं भारत-पाकिस्तान सीमावर्ती क्षेत्र फिरोजपुर -फाजिलका के साथ लगते कंटीली तारों के पास बीएसएफ की चौकियां भी लपेट में आ गई है। भारत-पाकिस्तान सरहद पर तैनात बीएसएफ के जवानों की बस्ती रामलाल इलाके के अंतर्गत तीन निगरान पोस्टें पानी के तेज बहाव में डूब चुकी है।

इन चौकियों पर तैनात जवानों को पानी में ही खड़े-खड़े अपनी डयूटी निभाने पड़ रही है। उधर पानी के तेज बहाव के कारण सरहदी किसानों ने कहा कि उन्हें कोई जानकारी दिए बिना सतलुज दरिया में पानी छोड़ा जा रहा है। इसी कारण आज बीएसएफ की निगरान पोस्टों और कंटीली तार को काफी नुकसान पहुंचा है। अंतरराष्ट्रीय सरहद पर बसें ग्रामीणों ने कहा कि सतलुज दरिया में मनमुताबिक पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि पानी के तेज बहाव के कारण आगे जहां किसानों की फसलें बर्बाद हो रही है वही बीएसएफ के जवानों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

उधर पानी के तेज बहाव के चलते हजारों एकड़ पंजाब की फसलें पानी में डूबने की आशंका बन चुकी है। जिस कारण निचले इलाकों के किसानों में भारी बेचैनी पाई जा रही है। सीमावर्ती गांवों के कुछ किसानों द्वारा उगाई धान अभी पकी ही नहीं थी कि उन्होंने कच्ची धान को ही कम्बाइन से काटना शुरू कर दिया। नीचे इलाकों में 5 से 6 फुट तक पानी भर चुका है। जिक्रयोग है कि हरिके हैड वर्कस में पिछले दो दिनों से पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा था, जिस कारण हैड वर्कस से डाउन स्ट्रीम की तरफ पानी छोड़ा जा रहा है। आज दोपहर हैड वर्कस और डाउन स्ट्रीम की तरफ जा रहे पानी के तेज बहाव के कारण गांव गडुउम और कुत्तीवाला के नजदीक दरिया किनारे किसानों द्वारा बनाए गए अस्थाई बांध टूट गए है और पानी का तेज बहाव फसलों को अपनी चपेट में ले रहा है।

अधिकांश किसानों की खेतों में पानी के लिए लगाए जाने वाली मोटरें और कमरे भी पानी में डूब चुके है और लगातार फसलें बर्बाद हो रही है। किसानों द्वारा बीजी गई बासमती, हरा चारा और मक्की की फसलें कई-कई फुट डूब चुकी है। अलग-अलग स्थानों पर दरिया किनारें खड़े किसान अपनी फसलों को पानी में डूबते देखकर रूआसे है। इस अवसर पर किसान सुखविंद्र सिंह, भजन सिंह व अन्य ने दुखी मन से बताया कि स्थाई बांध टूटने के कारण गटी हरिके, फतेहगढ सबरा और बस्ती लाल सिंह आदि के करीब 200 एकड़ से ज्यादा रकबा पानी में डूब चुका है।

यह भी पता चला है कि हरि के हैड वर्कस में लगातार बढ़ रहा पानी का स्तर पिछले दो दिनों से काफी बढ़ा है। बीते कल हैड वर्कस के अप स्ट्रीम में 37541 क्यूसिक पानी जमा था जबकि वीरवार को यह पानी 46850 क्यूसिक चल रहा था। विभाग से प्राप्त समाचार के अनुसार डैम में पानी का स्तर बढऩे की संभावना बनी हुई है, जिस कारण बाढ़ का खतरा बढा हुआ है।

– सुनीलराय कामरेड