पंजाब में छमाछम बारिश , कही राहत तो कही आफत


लुधियाना-जालंधर  : लंबे इंतजार के बाद पंजाब के कई जिलों में बुधवार को भी छमाछम बारिश हुई। गर्मी और उसम से निजात मिलते ही जहां लोगों ने राहत महसूस की वही कई इलाकों में बारिश आफत बन कर आई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक पंजाब में लगे धान की फसल को जहां बारिश से काफी लाभ मिला है वही कई इलाकों में बारिश के पानी की निकासी ठीक ना होने के कारण समूचा शहर और कस्बा जलमगन हो गए है। भारी बारिश के कारण कई इलाकों में बिजली घर और प्रशासनिक कार्यो समेत दुकानों पर भी कारोबार ठप्प हुआ है। सुल्तानपुर लोधी में तेज छमाछम बरसात होने से एक मकान की छत गिर गई जबकि अन्य कई इलाकों में सड़कें दबने के भी समाचार है।

उधर पंजाब प्रशासन ने भी मौसम विज्ञानिकों की भविष्यवाणियों और पूर्व अनुमानों को ध्यान में रखते हुए कमर कस ली है। क्योंकि पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के कारण दरिया और नहरों में पानी उफान पर है। ब्यास दरिया खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। जबकि भाखड़ा डैम के प्रबंधकों के अनुसार बांध में अभी पानी का और बोझ उठा सकने की क्षमता है। भाखड़ा में 52.34 फीट और पानी स्टोर करने की क्षमता है। भले ही पंजाब में इसे लेकर चिंता जताई जा रही है। जबकि भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड के अनुसार पहाड़ों में अच्छी बारिश होने के कारण पानी की आवक अच्छी है।

पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से गुजरने वाले सतलुज, ब्यास और रावी दरिया के बांधों को मजबूती देने के लिए युद्ध स्तर पर उपाय किए जा रहे है। मानसून विशेषज्ञों के मुताबिक अगर मानसून की रफतार ऐसी ही बनी रही और वह कमजोर ना हुआ तो अगला हफता पूरे पंजाब को भिगोने के लिए काफी है। हालांकि सावन का महीना खत्म होने को है किंतु बुधवार और मंगलवार को लगी वर्षा की झड़ी ने पंजाब के कई जिलों को अपनी लपेट में लिया है। लुधियाना स्थित पंजाब विश्वविद्यालय के मौसम विभाग ने 8.6 मि.ली. बरसात रिकार्ड की है जबकि भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान पंजाबी सूबे में कई तेज और कई हिस्सों में बहुत तेज बारिश होने का अनुमान है। भारतीय मौसम विभाग ने भी अपने उपग्रह से जारी चित्रों के आंकलन के बाद पंजाब के ऊपर बादल दिखाएं है। आज लुधियाना, जालंधर, कपूरथला, बठिण्डा, फरीदकोट और मोगा में तेज बारिश की खबरें प्राप्त हुई।

उधर जालंधर में सर्वाधिक 164.7 एमएम बारिश रिकार्ड हुई है। पठानकोट जिले के गांव बहादुरपुर में रावी दरिया के पास बने गुजरों के डेरे भी पानी की लपेट में आ चुके है। हालांकि प्रशासन ने पानी के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए किश्तियों को बंद कर रखा है। अभी तक प्राप्त सूचनाओं के मुताबिक मानसून पंजाब पर मेहरबान दिखाई दे रहा है। पंजाब को मौसम विभाग ने आंकलन के लिए 20 हिस्सों में बांटा हुआ है। उनके मुताबिक छह जिले में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकार्ड हुई है जबकि एक जिले में बहुत ज्यादा बारिश हुई है। महज एक जिले में सामान्य से भी कम बारिश दर्ज की गई है।

– सुनीलराय कामरेड

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