फूड प्रोसैसिंग इंडस्ट्री द्वारा वर्तमान पीढ़ी को मिल सकता है बढिय़ा रोजगार : हरसिमरत बादल


लुधियाना  : केंद्रीय फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री की कैबिनेट मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा है कि फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री द्वारा कृषि से मुंह मोड़ रही वर्तमान नौजवान पीढ़ी को बढिय़ा रोजगार मिल सकता है और धरती के निचले स्तर पर पानी की बचत भी होंगी। उन्होंने कहा कि अन्न की बर्बादी रोकने की सख्त जरूरत है, जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 हजार करोड़ की किसान संपदा योजना बनाई है। इसके अतिरिक्त हरसिमरत कौर बादल ने यह भी कहा कि औरतों को चौंका-चूल्हा के साथ-साथ अब फूड प्रोसेसिंग के लि अधिक सरगर्म होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भोजन बनाने की महारत कारण वह इस काम में अधिक कामयाब हो सकती है।

फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय द्वारा आज लुधियाना में जनतक मीटिंगों का आयोजन किया गया,जिनका मुख्य एजेंडा लोगों को प्रधान मंत्री किसान संपदा योजना से अवगत करवाना और फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में 3 से 5 नवंबर तक करवाए जा रहे वल्र्ड फूड इंडिया 2017 मेले में हिस्सा लेने के लिए किसानों, व्यपारियों व आम लोगों को प्रेरित करना था । स्थानीय गुरू नानक भवन में किसानों को संबोधित करते हुए केंद्रीय फूड प्रोसेसिंग मंत्री बीबी हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि 2020 तक फूड सैक्टर का तीन गुणा विस्तार किया जायेगा। वल्र्ड फूड इंडिया 2017 जैसे प्लेटफार्म के माध्यम से सभी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार जो भारत के मेक इन इंडिया की तरफ नजरें गड़ाए बैठे हैं, जिससे न सिफऱ् घरेलू ज़रूरतों पूरी होंगी, बल्कि उन्हें दूसरे मुल्कों से निर्यात के लिए माल भी उपलब्ध होगा।

उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य वल्र्ड फूड इंडिया 2017 में किसानों को भारतीय कृषि की मज़बूती का प्रदर्शन करने के लिए एक प्लेटफार्म प्रदान करना है। बीबी बादल ने बताया कि सरकार किसानों की आमदन बढ़ाने के लिए प्रधान मंत्री फ़सल बीमा योजना किसानों को कुदरती आफतों से होने वाली तबाही से बचाने के लिए शुरू की गई है। सॉयल हैल्थ कार्ड और नीम कोटेड यूरिया आदि स्कीमों का उद्देश्य धरती की उपजाऊ शक्ति बढ़ा कर फसलों के उत्पादन में विस्तार करना है।

इसी तरह ई -नाम जैसी स्कीमें विचोलीए को ख़त्म करके किसानों को अपनी फ़सल सीधी ग्राहकों के पास बेचने का मौका प्रदान करेंगी। उपस्थिती को संबोधन करते हुए बीबी बादल ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग सैक्टर से भारत को बहुत सी उम्मीदें हैं, जिस कारण यह भारी निवेश और रोजग़ार अवसरों की पेशकश करता है। किसानों की आमदन दोगुनी करने में प्रधान मंत्री किसान संपदा योजना एक अहम भूमिका निभाने जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधान मंत्री किसान संपदा योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रोजेक्टों को लागू किए जाने से 5 लाख से अधिक सीधे व असीधे तौर पर रोजग़ार के अवसर बनेगे और इन प्रोजेक्टों से 10 लाख से और ज्यादा किसानों को लाभ मिलेगा । उन्होंने कहा कि 42 मेगा फूड पार्कों की स्थापना होने से 2.10 लाख व्यक्तियों को सीधा तौर पर रोजग़ार मिलेगा तथा 10 लाख किसानों को लाभ पहुंचेगा।

केंद्रीय फूड प्रोसेसिंग मंत्री ने कहा कि मेरा सपना है,कि तरक्की करने के लिए हर किसान किसी सैल्फ हैल्प ग्रुप /फारमर प्रोड्यूस आर्गेनाइजेशन के साथ जुड़ जाये। उन्हेने कहा कि अब समय आ गया है कि सभी किसान और उनके पारिवारिक सदस्य फूड प्रोसेसर बन जाएँ और अपनी, फसलों की कीमत बढ़ाएं । बीबी बादल ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय ने तीन स्कीमें फूड प्रोसेसिंग /संभाल सुविधाएँ लगाने / वृद्धि के लिए स्कीम,जो यूनिट स्कीम के तौर पर जानी जाती है। दूसरी एग्रो प्रोसैसिंग क्लस्टर का बुनियादी ढांचा लगाने की स्कीम,जो क्लस्टर के तौर पर जानी जाती है व तीसरी पिछोकड़ व अग्रिम कडिय़ाँ (बैकवर्ड तथा फॉरवर्ड लिंकेजेज़) के लिए योजना के बारे में रूचि का प्रगटावा (एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट) जारी किया है।

यूनिट और कलस्ट्री स्कीम के लिए आवेदन करने के लिए अंतिम तारीख़ 15 सितम्बर 2017 है जबकि बैकवर्ड और फारवर्ड लिंकेजज़ के लिए अंतिम तारीख 10 अक्तूबर 2017 है। बीबी बादल ने मंत्रालय की तरफ से शुरू की इन तीनों ही स्कीमों का लोगों को अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए कहा और उन्हें वल्र्ड फूड इंडिया मेले में बढ़ चढ़ कर भाग लेने के लिए आमंत्रित किया , जिससे भारतीय फूड प्रोसेसिंग सैक्टर का रूप बदल सके । उन्होंने कहा कि बाकी राज्यों के मुकाबले स्कीमों का लाभ लेने के पंजाब से आ रहे हैं नामात्र लोग -बीबी हरसिमरत कौर ने बताया कि देश के बाकी राज्यों से किसान सोसायटियां, सैल्फ -हैल्प ग्रुप बड़ी संख्या में मंत्रालय पहुँच रहे हैं परंतु पंजाब के नाममात्र ग्रुप ही पहुँच रहे हैं।

– रीना अरोड़ा, सम्राट शर्मा