आतंकवाद का मुंहतोड़ जवाब देगा भारत : शाही इमाम पंजाब


लुधियाना  : कश्मीर में श्री अमरनाथ तीर्थ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले के बाद जहां देशभर में सभी धर्मो और सियासी पार्टियों की ओर से निंदा का दौर जारी है वहीं देशवासियों में गम और गुस्से की लहर है। इसी बीच आज यहां पंजाब के मुसलमानों के दीनी मरकज जामा मस्जिद लुधियाना के बाहर भारी संख्या में इक्ट्ठे होकर आंतकवाद का पुतला फूंकते हुए अमरनाथ तीर्थ यात्रा में शामिल तीर्थयात्रियों पर हुए आंतकी हमले में मारे गए श्रद्धालुओं को श्रद्वाजंलि अर्पित की। जामा मस्जिद के बाहर हुए इस रोष प्रदर्शन में जहां कश्मीर के आतंकवादियों का पुतला जलाया गया वहीं हरियाणा के हिसार में एक मस्जिद के इमाम के साथ की गई बदसलूकी की कड़े शब्दो में निंदा भी की गई। इस मौके पर शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि अमरनाथ तीर्थ यात्रियों पर हमला पूरी इंसानियत पर हमला है। ऐसी नापाक हरकतों को सहन नहीं किया जा सकता। उन्होनें कहा कि आतंकवादी अपने दिमाग से यह गलतफहमी निकाल दें।

भारत आतंकवाद का मुंह तोड़ जवाब देगा। शाही इमाम मौलाना हबीब ने हरियाणा के हिसार में एक मस्जिद के इमाम के साथ प्रदर्शनकारियों की ओर से की गई बदसलूकी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि देश में आतंकी हमले के बाद रोष प्रदर्शन के नाम पर कुछ शरारती तत्व धार्मिक नफरत फैलाने की कोशिश करते है, जो कि निंदनीय है। उन्होनें कहा कि भारत में जो भी लोग अपनी सियासत चमकाने के लिए धर्म के नाम पर दंगे करवाते है, उनको समझ लेना चाहिए कि गुंडागर्दी किसी भी कीमत पर बर्दाशत नहीं की जाएगी। शाही इमाम ने कहा कि आतंकवादी हमले के बाद देश को मजबूती की जरूरत है ना कि संप्रदायिक दंगों की।

उन्होनें कहा कि भारत सरकार को चाहिए कि वह खामोश तमाशाई ना बने जिस तरह आंतकवादियों के विरुद्व कारवाई की जा रही है उसी तरह देश में घरेलू हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ भी सख्त कारवाई की जाए। एक प्रश्न के उत्तर में शाही इमाम मौलाना हबीब ने कहा कि देश में हिन्दू, मुस्लिम, सिख-ईसाई भाईचारा कायम है, भारत समूह धर्मो का गुलदस्ता है, जिसे बिखरने नहीं दिया जाएगा। इस मौके पर गुलाम हसन कैसर, कारी इब्राहिम, अंजुम असगर, हिफजुर रहमान, शाकिर आलम, परवेज आलम, शाह नवाज अहमद, अकरम अली, बाबुल खान, आजाद अली, मोहम्मद जावेद, अशरफ अली, मोहम्मद रब्बानी, साबिर जमालपुरी, तनवीर आलम, बिलाल खान, मुहम्मद रियाज, मुहम्मद असलम, मुहम्मद इकबाल, मुहम्मद शरीफ व शाही इमाम पंजाब के मुख्य सचिव मुस्तकीम अहरारी सहित सैंकड़ों मुसलमान उपस्थित थे।

– रीना अरोड़ा