इनेलो प्रदर्शन के चलते राजपुरा – अंबाला नेशनल हाईवे बंद


लुधियाना-शंभु बैरियर : ‘साडा हक – ऐत्थे रख.. ‘ की मांग को लेकर दरिया पानी के मुददे पर पड़ोसी राज्य हरियाणा नैशनल लोकदल (इनेलो) के सियासी नेताओं द्वारा पहले से ही घोषित राजनैतिक ड्रामा खत्म होते ही पंजाब-हरियाणा समेत देश की जनता ने सुख की सांस ली। सोमवार की सुबह से ही दोनों राज्यों की सीमाओं पर हरियाणा की सियासी पार्टी इनेलो के कार्यकर्ताओं और श्रेष्ठ नेताओं का पूर्ण रूप 5 स्थानों पर कब्जा रहा। हालांकि दोनों राज्यों की आम जनता पंजाब से दिल्ली समेत अन्य राज्यों की ओर जाने वाले यात्री सारा दिन डरे व सहमे रहें। पंजाब एवं हरियाणा स्थित सीमावर्ती क्षेत्र अंबाला के नजदीक शेरशाह सूरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित शंभु बैरियर और अन्य पड़ोसी राज्य की लगती सीमाओं पर सुरक्षा चाक-चौबंद दिखी। हरियाणा और पंजाब के बीच बरसों से सियासत का कारण बनी एसवाईएल नहर के निर्माण की आग भड़काने वाले इनेलो कार्यकर्ता सुबह से ही अपने सियासी आकाओं के आदेशों उपरांत हरियाणा-पंजाब बार्डर पर पहुंच गए थे किंतु कड़ी सुरक्षा प्रबंधों के चलते वह अपनी योजना में सफल नहीं हो पाएं।

दोनों ही राज्यों के पुलिस बल अपने-अपने वर्दीधारी और गैरवर्दीधारी मुलाजिमों के साथ संवेदनशील स्थानों पर मोर्चा लिए खड़े नजर आएं। हालांकि उनकी सहायता के लिए केंद्र द्वारा भेजे गए दर्जनों अद्र्धसैनिक बलों के सशस्त्र जवान भी मौजूद थे ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सकें। सतलुज यमुना लिंक नहर (एसवाईएल) के मुदे पर पंजाब वासियों का हरियाणा से गुजरने के लिए संकेतिक तौर पर रास्ता रोकों की अगुवाई करने वाले इनेलो प्रधान अभय चौटाला और उनके समर्थकों द्वारा दोनों राज्यों की सरहद पर घगॅर दरिया के नजदीक जाम लगाया और देर शाम तक शंभू बार्डर पर सड़क के बीचोबीच डटे रहें। इसी के चलते पुलिस द्वारा पंजाब से हरियाणा की तरफ जाने वाले वाहनों को रूट में बदलाव करके भेजा जा रहा था। शंभू बार्डर पर अभय चौटाला और सांसद दुष्यंत चौटाला ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वह पानी के मुददे पर और नहर के निर्माण के लिए किसी से भी भिडऩे में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। इनेलो का तर्क है कि जब हरियाणा के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसले दे दिए है, तो उसे लागू क्यों नहीं किया जा रहा।


उधर इसी मुदे के तहत इनेलो के कार्यकर्ताओं ने डबवाली स्थित गोल चौक में भी धरना लगाकर राष्ट्रीय राजमार्ग बठिण्डा रोड़ से मलौट रोड़ और पंजाब से आने वाले वाहनों को रोके रखा। इस दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी मात्रा में पुलिस मुलाजिम और अद्र्धसैनिक बल तैनात किए गए थे। जबकि वाहन चालकों की सहूलतों के लिए पंजाब और हरियाणा पुलिस ने संयुक्त रणनीिित के तहत लिंक नहर के अढ़ाई दर्जन के करीब परिवर्तन वाले रास्तों पर रूट बनाए हुए थे।

प्रदर्शन कर रहे लोगों में अधिकांश संख्या नौजवानों की थी। हालांकि इस प्रदर्शन में कई महिलाएं भी शामिल थी। पंजाब ने सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से अपने रास्तों पर 30 के करीब अद्धसैनिक बलों की कंपनियां तैनात की थी, जबकि इससे आधी कंपनियां हरियाणा ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात थी। कोई भी गड़बड़ी ना हो, इसी के मध्यनजर दोनों राज्यों की बसों को एक-दूसरे की सीमा में प्रवेश नही दिया गया। हालांकि इसी रणनीति के तहत समस्त यात्री परेशान दिखे। पंजाब के शंभू बार्डर पर पटियाला के डीसी अमित कुमार और एसपीएम भूपती भी पहुचें हुए थे, इनके अलावा हरियाणा के एडीजीपी आरसी मिश्रा ने भी कमान संभाले हुई थी। यह भी पता चला है कि पंजाब-हरियाणा सीमा पर कई दर्जनों सीसीटीवी कैमरे लगाकर प्रशासन ने इनेलो कार्यकर्ताओं पर नजर रखे हुए थी।

दूसरी ओर पंजाब की सीमा पर पंजाब पुलिस द्वारा सुरक्षा चाक-चौबंध दिखी। नाकाबंदी के संबंध में पंजाब पुलिस के इंस्पेक्टर हरमनप्रीत सिंह के मुताबिक दोनों राज्यों की पुलिस का लगातार तालमेल रहा है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अधिकारियों द्वारा बाज दृष्टि रखी जा रही थी। हालांकि उन्होंने माना कि कई रास्तों पर यात्रियों को काफी परेशानी हुई, फिर भी ट्रैफिक सुचारू रूप से चलती रही। कई यात्रियों का मानना था कि वह पंजाब से दिल्ली जाने के लिए खड़े है किंतु उनके लिए किसी भी प्रकार की बसों का इंतजाम नहीं। उन्होंने कहा कि सियासी पार्टियां अपनी अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकती है परंतु बेचारी जनता इसमें पिसती है।

– सुनीलराय कामरेड

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