शहीदी गैलरी सिख कौम की भावनाओं का करेंगी नेतृत्व : खालसा


शहीदा गैलरी का मुख्य द्वार, साथ- दमदमी टकसाल प्रमुख हरनाम सिंह धुम्मा।

लुधियाना-अमृतसर  : जून -84 के ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान सेना के हाथों मारे गए शहीदों की याद को समर्पित श्री दरबार साहिब समूह में स्थापित गुरूद्वारा यादगर शहीदा क ी बेसमेंट हाल में शहीदी गैलरी स्थापित करने प्रति 6 जुलाई को शुरू की जा रही कार सेवा के लिए दमदमी टकसाल द्वारा श्री अखंड पाठ साहिब पाठ आरंभ हो चुके है। इस दौरान दमदमी टकसाल के प्रमुख संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा ने बताया कि 6 जुलाई दिन वीरवार को सुबह साढ़े नौ बजे श्री अखंड पाठ के भोग उपरांत शहीद गैलरी की कार सेवा की रस्म शुरू कर दी जाएंगी।

शिरोमणि कमेटी के सहयोग के साथ शहीदी गैलरी की कार सेवा की शुरूआत के इतिहासिक मौके पर सिख संगत के अतिरिक्त आप्रेशन ब्लू स्टार के दौरान शहीद होने वाले सिंह-सिंहनियों के परिवारिक सदस्यों को भी बढ़चढ़कर पहुंचने की अपील की गई है। जिक्रयोग है कि पिछले साल 25 अगस्त को उस वक्त के शिरोमणि कमेटी के प्रधान जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ को दमदमी टकसाल द्वारा एक ज्ञापन देकर शहीदों की याद को समर्पित यादगर स्थापित करने की मांग की गई थी। उसी कार्य के लिए शिरोमणि कमेटी के मौजूदा प्रधान प्रो. कृपाल सिंह बडूंगर ने दमदमी टकसाल द्वारा 24 मई क ो दिए गए मांग पत्र और 6 जून को चौक मेहता में मनाए गए शहीदी समागम के दौरान शहीदी गैलरी स्थापित करने संबंधित पास किए गए प्रस्ताव को मंजूर करते हुए कौमी भावनाओं का नेतृत्व करने का आहवाहन किया था। इस संबंध में 16 जून को शिरोमणि कमेटी की आंतरिक कमेटी ने भी मंजूरी दे दी।

जत्थेदार बाबा हरनाम सिंह खालसा ने कहा कि जो कौम अपने शहीदों को याद नहीं रखती, वह कौम इतिहास में खत्म हो जाती है। उन्होंने कहा कि शहीदी गैलरी सिख कौम के जज्बातों और भावनाओं का नेतृत्व करेंगी और आने वाली पीढिय़ों को याद दिलाएंगी। उन्होंने बताया कि करीब 800 वर्ग गज में बनाई जा रही शहीदी गैलरी को वल्र्ड क्लास और सुंदर दृश्य प्रदान करने के लिए आधुनिक सहूलतों के अतिरिक्त आधुनिक तकनीकों का प्रयोग भी किया जाएंगा। इस प्रति जानकारी रखने वाले विशेषज्ञों को भी इस प्रोजेक्ट में अपना योगदान देने के लिए आमंत्रित किया गया है।

उन्होंने बताया कि 6 जुलाई को ही 84 के घल्लूघारे के दौरान श्री दरबार साहिब अमृतसर पर हुकूमत द्वारा किए गए सैनिक हमले का दृढ़ता के साथ मुकाबला करके शहादत का जाम पीने वाले 20वी सदी के महान जरनैल अमर शहीद संत जरनैल सिंह खालसा भिंडरावाले और उनके सहयोगी भाई अमरीक सिंह, जरनल शबेक सिंह, बाबा ठारा सिंह जैसे अनेकों शहीद सिंह-सिंहनियों की याद में क्रमवार श्री अखंड पाठ गुरूद्वारा यादगर आरंभ किए गए है। उन्होंने बताया कि दमदमी टकसाल के 15वे प्रमुख संत बाबा ठाकुर सिंह जी की तस्वीर केंद्रीय सिख अजायब घर में स्थापित की जाएंगी।

– सुनीलराय कामरेड

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