चीनी मिल के मुद्दे पर राजद का हंगामा


पटना : बिहार विधानसभा में आज मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सदस्यों ने राज्य में नई चीनी मिलें खोलने, बंद पड़े मिलों को फिर से चालू कराने और गन्ना किसानों की खस्ताहाली को लेकर जमकर हंगामा किया। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद विधायक ललन पासवान के रोहतास और कैमूर जिले में चीनी मिल खोले जाने से संबंधित तारांकित प्रश्न का उत्तर देते हुये गन्ना विकास मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद ने कहा कि राज्य सरकार के स्तर पर कोई चीनी मिल स्थापित करने की योजना नहीं है।

सरकार सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) और सहकारिता के माध्यम से इस क्षेत्र में निवेश करने वालों की मदद करती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 और वर्ष 2014 में इस क्षेत्र के लिए प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि रोहतास और कैमूर जिले के किसान गुड़ बनाने के लिए गन्ने की खेती करते हैं इसलिए इन जिलों में चीनी मिल खोलने की कोई योजना नहीं है।

यदि निवेशकों से प्रस्ताव प्राप्त होगा तो सरकार विचार करेगी। इस पर राजद विधायक एवं पूर्व मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी ने पूछा कि राज्य में ऐसी कितनी मिलें हैं, जिनमें निजी क्षेत्र से निवेश का प्रस्ताव आया है। उन्होंने कहा कि सरकार 15 साल से बंद पड़ मिलों को चालू तो नहीं कर सकीं बल्कि उसकी जमीन औने-पौने दाम पर निजी क्षेत्र की कंपनियों को बेच रही है। उनके इतना कहते ही राजद सदस्य हंगामा करने लगे। सभाध्यक्ष विजय कुमार चौधरी के आग्रह के बावजूद वे नहीं माने और किसान विरोधी सरकार हाय-हाय एवं किसानों की रक्षा करो के नारे लगाते हुये सदन के बीच में आ गए।

सभाध्यक्ष श्री चौधरी के हंगामा कर रहे राजद सदस्यों को अपनी सीट पर बैठने का आग्रह करने के बावजूद जब वे नहीं माने तो उन्होंने चुटकी लेते हुये कहा, ‘लगता है अब आपके पास कोई प्रश्न नहीं बचा है।’ कुछ देर बाद हंगामा शांत होने पर श्री सिद्दीकी ने कहा कि यह प्रश्न केवल रोहतास और कैमूर जिले का ही नहीं बल्कि पूरे राज्य से संबंधित है और इस मुद्दे पर सदन में विशेष वाद-विवाद कराया जाना चाहिए।

इस पर श्री चौधरी ने कहा, ‘आप वरिष्ठ सदस्य हैं और आपको पता है कि किसी विषय पर विशेष वाद-विवाद कराने का तरीका अलग होता है।’इससे पूर्व राजद विधायक आलोक मेहता ने कहा कि वर्तमान में राज्य की लगभग सभी चीनी मिलें बंद हो चुकी हैं। इन मिलों की जमीनों को निजी क्षेत्र की कंपनियों को हस्तांतरित किया जा रहा है। वहीं कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह ने पूछा कि क्या चीनी मिल शुरू करने के लिए सरकार के पास सहकारिता क्षेत्र का कोई प्रस्ताव है।

जवाब में गन्ना मंत्री ने कहा कि सरकार के पास ऐसा एक प्रस्ताव रैयाम मिल के लिए आया है। इस बीच उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य की सरकार अब खुद उद्योग शुरू नहीं करती बल्कि उसे चलाने में सहयोग करती है। सरकार ने बंद पड़ी चीनी मिलों की संपत्ति का आकलन कर निविदा निकालने के निर्देश दिये थे।

अबतक पांच बार निविदा आमंत्रित की जा चुकी है लेकिन अभी तक निवेश का एक भी प्रस्ताव नहीं आया। उन्होंने कहा कि यदि राजद सदस्य श्री सिद्दीकी ही निवेशक लेकर आते हैं तो सरकार सहयोग करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का नीतिगत निर्णय है कि बंद पड़ी चीनी मिलों की जमीन पर कोई अन्य उद्योग लगाने को इच्छुक हो तो सरकार उसे बियाडा के माध्यम से उस भूमि के इस्तेमाल की इजाजत देगी।

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