शाह ने राहुल पर कसा तंज , GST समेत कई मुद्दों का खुल कर दिया जवाब


भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इस साल गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच यहां पार्टी के युवा मोर्चा के टाउनहॉल कार्यक्रम में भाग लेते हुए कांग्रेस तथा इसके उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर जम कर हमला बोला तथा पाटीदार आरक्षण आंदोलन, नोटबंदी, उना दलित पिटायी कांड, बेरोजगारी, जीएसटी समेत कई मुद्दों पर खुलकर अपने विचार व्यक्त किये।

उन्होंने यहां पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार से राज्य भर के 312 स्थानों से जुडे युवाओं के साथ संवाद के दौरान युवा वर्ग से अगले चुनाव में भाजपा का समर्थन की भी अपील की तथा फेसबुक, ट्वीट , व्हाट्सअप जैसे सोशल मीडिया पर विरोधियों के दुष्प्रचार का जवाब देने का भी आहवान किया। उन्होंने अपने लगभग आधे घंटे के संबोधन और बाद में कार्यकर्ताओं के सवालों के जवाब देते हुए भाजपा सरकार के दौरान हुए विकास के पूववर्ती कांग्रेस सरकार से तुलना करने वाले आंकडों को लंबी चौडी फेहरिस्त भी पेश की।

श्री शाह ने अडीखम गुजरात यानी दृढ़ गुजरात के सूत्रवाक्य वाले इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नवंबर के अंत और दिसंबर की शुरूआत में गुजरात में विधानसभा के चुनाव होने हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात में चुनाव के केंद में हर बार की तरह इस बार भी युवा ही रहेंगे और उनकी निर्णायक भूमिका होगी। उनसे सीधा संवाद जरूरी है।

उन्होंने युवाओं से कहा कि गुजरात की आज की स्थिति को समझने के लिए 1995 के पहले के समय जब अधिकतर कांग्रेस ने शासन किया था और इसके बाद के दो हिस्से में चीजों को देखना होगा।
उन्होंने अपने खास लहजे में कहा,’हमे यह समझना होगा कि ऐसा क्या हुआ कि 1995 में हारने के बाद आज तक दोबारा कांग्रेस गुजरात में सत्ता में नहीं आयी और भाजपा फिर हारी नहीं। असल में 1995 से पहले राज्य में अक्सर दंगे होते थे।

साल में 365 में से दो सवा दो सौ दिन कफ्र्यू लगा रहता था। रथ यात्राएं तक सुरक्षित नहीं थी। बिजली का ठिकाना नहीं था। कानून व्यवस्था लचर थी। हाल में यहां आये कांग्रेस के शहजादे राहुल गांधी हमसे गुजरात में विकास का हिसाब मांग रहे थे। वह जहां (साबरमती रिवरफ्रंट) खडे होकर भाषण दे रहे थे वहां उनके शासन में गंदा पानी बहता था आज ऐसी चीज है जिसे पूरी दुनिया देखती सराहती है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि राहुल को यह सवाल पूछने का अधिकार नहीं है क्योंकि उनकी पार्टी ने राज्य के विकास के लिए कुछ नहीं किया। राज्य की पूववर्ती नरेन्द्र मोदी सरकार के आने के बाद राज्य का तेज विकास हुआ। 24 घंटे बिजली मिलने लगी इसने भी विकास को और गति दी। वाइब्रैंट गुजरात जैसे नये प्रकार के निवेश सम्मेलन की अवधारणा बनी जिससे गुजरात में लाखों करोड का निवेश आया। नेहरू जी के समय मे भूमि पूजन के बावजूद कांग्रेस के शासन मे अटकी रही नर्मदा परियोजना का काम भी अब पूरा हुआ है। 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा पर श्री मोदी इसका लोकार्पण करेंगे।

अमित शाह ने आंकडो की लंबी चौडी फेहरिस्त पेश करते हुए कहा कि राज्य में कांग्रेस के शासन में रहा बजट का आकार मात्र 10232 करोड रूपये से बढ कर अब 173180 करोड का हो गया है। प्रति व्यक्ति आय 13665 रूपये बढ कर 141504 रूपये हो गयी है। साक्षरता का प्रतिशत 66 से बढ कर 71 हो गया है। उन्होंने स्कूलों, शिक्षकों, शिक्षण संस्थानों, सीटों की संख्या, बिजली की क्षमता और खपत, फसलों के उत्पादन, सडक, कृषि आदि में बढोत्तरी के भी आंकडे पेश करते हुए सवालिया लहजे में कहा कि राहुल को अगर यह भी विकास नहीं लगतो तो विकास क्या होता है। उन्हें सवाल पूछने छोड कर आंकडो का अध्ययन करना चाहिए।

युवाओं ने इस कार्यक्रम में हमसे तीन लाख से अधिक सवाल पूछे हैं वह ठीक है पर राहुल से भी दो चार सवाल पूछने चाहिए। इन सभी आंकडो को गुजरात प्रदेश भाजपा तथा अडिखम गुजरात अभियान की वेबसाइट पर रखा जायेगा। युुवाओं को इनका इस्तेमाल सोशल मीडिया पर हो रहे दुष्प्रचार का जवाब देने के लिए करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग छोटी छोटी बातों को मुददा बना रहे हैं। बरसात में खराब हुई सडकों को मानसून के दौरान कही नहीं बनाया जाता है। 15 सितंबर से 22 से लेकर 25 अक्टूबर तक खराब हुई राज्य की सभी सडकों के मरम्मत का काम पूरा कर लिया जायेगा। गुजरात में कांग्रेस ने शहर केंद्रित विकास का प्रयास किया था जबकि भाजपा ने गांवों का भी पूरा विकास किया है। लगातार 12 साल तक इसने कृषि विकास दर 10 प्रतिशत बनाये रखा।

अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए कि कांग्रेस के शासन में होने वाले दंगे अब कैसे बंद हो गये। अब बिजली कैसे 24 घंटे रहने लगी। आज गुजरात विकास के नक्शे पर हर जगह कैसे है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने यूपीए के दस साल के केंद के शासन में भ्रष्टाचार की हर कर दी और घोटालों के मामले में आकाश पाताल दरिया अंतरिक्ष कुछ भी नहीं छोडा। आकाश में इसने एयर इंडिया विमान घोटाला, अंतरिक्ष में इसरो और टूजी का घोटाला, जमीन पर कॉमनवेल्थ गेम्स का, दरिया में सबमरीन घोटाला और पाताल में कोयले के खान से जुडा घोटाला किया। दस साल में 12 लाख करोड का भ्रष्टाचार करने वाली कांग्रेस के नेता राहुल यहां आकर बात करते हैं सवाल पूछते हैं। जबकि हमारी विरोधी भी तीन साल के मोदी सरकार पर भ्रष्टाचार का एक आक्षेप तक नहीं लगा सके।

प्रधानमंत्री  मोदी के सर्वस्पर्शी तथा सर्वसमावेशक विकास मॉडल की सफलता से ही जनता ने उन्हें प्रधानमंत्री बनाया हैं। उनकी सरकार ने तीन साल में ऐसे 50 काम कर दिये हैं जैसे तीन काम भी पिछली सरकारें 50 साल में नहीं कर सकीं। श्री शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों ने सरदार पटेल के समय से ही गुजरात के साथ दोहरा बर्ताव किया। केंद्रीय सहायता में भी भेदभाव हुआ। उन्होंने कहा कि जैसे गुजराती लोग जैसे मटके ठोक बजा कर लेते हैं वैसे ही राज्य की सत्ता देने से पहले दल को ठोक बजा कर देखना चाहिए। गुजरात के उज्जवल भविष्य के लिए युवाओं को भाजपा का समर्थन करना चाहिए तथा इस चुनाव में इसका सारथी बनना चाहिए। कांग्रेस चुनाव की अधिसूचना से लेकर मतगणना के 12 बजे तक हर बार चुनाव में मात्र साढे चार माह सक्रिय होती रही है जबकि भाजपा ने लगातार विकास के लिए काम किया है।

संबोधन के बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं के सवालों के जवाब भी दिये। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने पाटीदार आरक्षण आंदोलन को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि इससे भावना से बहुत लोग जुडे हैं पर इसके सूत्रधार राजनीतिक पार्टी से प्रेरित है जो बात चुनाव नजदीक आने के साथ ही साथ सामने आ जायेगी। इससे पहले भी राज्य में दो तीन बार आरक्षण आंदोलन हुए थे जो बाद में राजनीतिक आंदोलन में
परिवर्तित हो गये। उन्होंने कहा कि आरक्षण पाने के लिए ओबीसी आयोग के मार्फत कानूनी और संवैधानिक रास्ता अख्तियार किया जाना चाहिए। यह समझना चाहिए कि 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण पर अदालती रोक है। उन्होंने उना दलित पिटायी कांड के बारे में पूछे जाने पर कहा कि राज्य सरकार समाज में वैरभाव फैलाने वाली घटनाओं पर रोक के लिए कडे कदम उठायेगी। गृह विभाग के आंकडो के अनुसार
गुजरात में दलित अत्याचार के सबसे कम मामले होते हैं।

उन्होंने दोहराया कि कृषि विकास के लिए राज्य सरकार ने कई कदम उठाये हैं। परंपरागत फसल चक्र को बदलने में सफलता पायी है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक नया ब्रांड इंडिया बनाया है। केवल नौकरी को ही रोजगार का पैमाना समझने वाली ब्रिटिशकालीन परिभाषा बदलने की जरूरत है। 125 करोड के देश में सबको नौकरी देना संभव नहीं। राज्य के बाढग्रस्त इलाकों में मानसून के बाद युद्धस्तर पर काम होगा।
इसके लिए योजना तैयार है। गुजरात ने अक्सर प्राकृतिक आपदाओं को अवसर में बदला है।

वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी के बारे में उन्होंने कहा कि इसमें जरूरतों के अनुरूप बदलाव होगा और अगले सात आठ महीने में इसे जीएसटी काउंसिल के जरिये और बेहतर बनाया जायेगा। यह छोटे और मझौले व्यापारियों के लिए भी और सहज बनेगी। एक देश एक कर वाली इस आधुनिक कर प्रणाली से देश के विकास और दुनिया में देश के स्थान दोनो पर बडा असर पडेगा।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने ऊपरी स्तर पर भ्रष्ट्राचार को रोका है। तथा निचले स्तर पर सब्सिडी के खाते में सीधे स्थानांतरण के जरिये भी इस पर रोक लगायी है। इससे 59 हजार करोड रूपये बचाये गये हैं। कांग्रेस ने अपने समय में ऐसा करने का प्रयास नहीं किया। देश भर में और गुजरात में भी आप्टिकल फाइबर का जाल बिछाया गया है। 2014 के बाद हुए चुनावों में पंजाब को छोड अन्य अधिकतर जगह भाजपा की जीत हुई है।

श्री शाह ने राजकोट से पूछे गये इस प्रश्न से असहमति जतायी कि पिछले दो साल में गुजरात के विकास की गति कुछ धीमी पड गयी है। नर्मदा योजना पूरी होने से राज्य में बिजली और पानी की उपलब्धता और बेहतर होगी। उन्होंने ऐसे एक प्रश्न से भी असहमति जतायी कि पिछले कुछ समय में राज्य के लघु और मध्यम उद्योगों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। उन्होंने कहा कि नवीनतम आंकडों से इनका प्रदर्शन बेहतर होने की बात सामने आयी है।

श्री शाह ने यह भी कहा कि आदिवासी विकास के लिए गुजरात में अन्य राज्यों से बेहतर काम हुआ है। यहां डांग के आदिवासी किसान मशरूम और काजू की खेती कर रहे हैं। यहां आदिवासी समुदाय के लिए उनकी आबादी के अनुपात में बजट देने की व्यवस्था है। आदिवासी विकास के गुजरात मॉडल को अन्य राज्यों ने सराहाहै।

उत्तर प्रदेश में पार्टी की शानदार जीत के बारे में एक प्रश्न के उत्तर देते हुए श्री शाह ने कहा कि ऐसा प्रदर्शन आधारित राजनीति यानी पालिटिक्स ऑफ परफार्मेंस के चलते संभव हुआ। मोदी सरकार ने राजनीति से परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टिकरण के तीन नासूर उखाड फेंके हैं। उत्तर प्रदेश की तर्ज पर गुजरात में भी ऐसा होगा।

खेल में गुजरात के खिलाडियों के ओलंपिक पद जीतने की संभावना के बारे में पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि पिछले कुछ साल में खेल के विकास के लिए हुए प्रयासों के बेहतर परिणाम सामने आये हैं। खेलों के मामले में गुजरात 28 वे से सातवे स्थान पर तथा बडे राज्यों में दूसरे स्थान पर आ गया है।

श्री शाह ने नोटबंदी से जुडे एक सवाल के जवाब में कहा कि रिजर्व बैंक के यह कहने से की 99 प्रतिशत नोट वापस आ गये हैं से इसके बारे में जल्दबाजी में निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए। इससे आयकर दाताओं की संख्या बढ कर छह करोड 30 लाख हुई है। नेताओ समेत अन्य भ्रष्ट लोगों द्वारा 20 प्रतिशत तक छुपा कर रखा गया धन भी बैंक में लौटा है। आयकर तथा दंड के तौर पर मिलने वाली राशि से विकासके काम तेज होंगे। नोटबंदी का उतावली में आंकलन नहीं होना चाहिए।

यह पूछे जाने पर गुजरात में श्री मोदी की अब कमी महसूस होती है, श्री शाह नेकहा कि श्री मोदी ने प्रधानमंत्री बनने पर गुजरात की कई समस्याओं का चुटकी में हल कर दिया जिसमें नर्मदा की ऊंचाई बढाने और इसके गेट बंद करने जैसी बाते शामिल है। पहले वह केवल मुख्यमंत्री थे अब प्रधानमंत्री होने से गुजरात को अधिक लाभ है। उन्होंने कहा कि जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे गुजरात आ रहे हैँ। उन्होंने हमारे लिये जो किया है उसके लिए उनका जबरदस्त स्वागत होना चाहिए।

log in

reset password

Back to
log in
Choose A Format
Poll
Voting to make decisions or determine opinions
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals
List
The Classic Internet Listicles
Video
Youtube, Vimeo or Vine Embeds
Thanks for loving our story. Like our Facebook page to get more stories.

Send this to a friend