बीड़ी बेचकर बेटे का बनाया जीवन ,जो अब कहता है: ‘मां घर आई तो सुसाइड कर लूंगा’


मां-बाप जहां अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए पता नहीं कितने कष्ट उठाते हैं और एक बार भी उफ तक नहीं करते हैं। मां-बाप अपने बच्चों की हर ख्वाशि को पूरा करते हैं। जो वह मांगते हैं वह उन्हें कैसे भी करके ला देते हैं। चाहे उनकी देनी की हेसीअत बिल्कुल भी न हो तब भी देते हैं। आज हम ऐसी ही एक कहानी बताने जा रहे हैं जहां एक मां ने अपने बेटे को क्या-क्या करके पढ़ाया और लिखाया था लेकिन बेटे ने बड़े होकर ऐसी बात कह दी अपनी मां से की आप सोच भी नहीं सकते होंगे की कोई बेटा अपनी मां से यह बोल देगा।

आपको बताते हैं कि क्या है यह सारा मामला। एक मां अपनी पूरी जिंदगी मजदूरी करके बेटे को पढ़ा-लिखा के इतना काबिल बना दिया था कि वह बैंक मैनेजर बन गया था। बता दें कि वहीं यह लड़का अब अपनी मां को घर रखने पर सुसाइड करने की धमकी दे रहा है। यह मामला मध्यप्रदेश के विदिशा जिले का है। मां वहीं वृद्धाश्रम में रह रही है और उसने रो-रो कर बुरा हाल कर दिया है।

बूढ़ी मां को बेटे-बहु ने घर से निकाला

बीना जिला सागर निवासी में बेटे और बहु दोनों ने मिलकर अपनी बुजुर्ग मां को घर से भगा दिया है। 65 वर्षीय बुजुर्ग मां सावित्री बाई का रो-रोकर बुरा हाल है। वह 8 महीने से सिविल लाइंस स्थित श्री हरि वृद्धाश्रम में है। इस बीच उसका बैंक अधकारी बेटा ना तो अपनी मां से मिलने आया और न ही टेलीफोन पर बातचीत की। मां की तकलीफ और रोना देख जब वृद्धाश्रम संचालिका इंदिरा वेदप्रकाश शर्मा ने महिला के बेटे से टेलीफोन पर चर्चा की तो उसने कहा कि मेरी मां का व्यवहार ठीक नहीं है। उसने मेरा जीवन बर्बाद कर दिया है। यदि मां मेरे घर में रहेगी तो मैं आत्महत्या कर लूंगा।

बीड़ी बनाकर बेटे को बनाया था बैंक मैनेजर

वृद्धा सावित्री बाई ने बताया कि उसने मजदूरी कर और बीड़ी बनाकर बेटे को पढ़ाया-लिखाया। इससे वह बैंक मैनेजर बन सका। बेटे की शादी करवाकर उसका घर बसाया। इसके बाद बेटे और बहू ने उसे अपने घर से बेदखल कर दिया है। बहू घर में रहने के लिए मना करती है और बेटे को मेरे खिलाफ बहकाती है। इससे मेरा बेटा मुझसे दूर हो गया है। जब वृद्धाश्रम के अधिकारियों ने उसके बेटे से हुई बातचीत की रिकार्डिंग सुनवाई तो बेटे की बातें सुनकर मां का कलेजा फटा सा रह गया।

अब तक 23 बुजुर्गों को पहुंचाया उनके घर

श्री हरि वृद्धाश्रम की संचालक इंदिरा वेदप्रकाश शर्मा ने बताया कि सावित्रीबाई के बेटे को समझाया, लेकिन वह नहीं माना। इंदिरा अब तक 23 बुजुर्गों को उनके परिजनों के साथ घर पहुंचा चुकी हैं, लेकिन इस मामले में बेटे की हठधर्मिता के कारण दिक्कत हो रही है।

Choose A Format
Poll
Voting to make decisions or determine opinions
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals
List
The Classic Internet Listicles
Video
Youtube, Vimeo or Vine Embeds
Thanks for loving our story. Like our Facebook page to get more stories.

Send this to a friend