मोसुल मामले पर सुषमा का विपक्ष को करारा जवाब , कहा जिंदा या मृत होने का मेरे पास कोई सबूत नहीं


विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने लोकसभा में इराक के मोसुल में लापता 39 भारतीयों के सवाल पर सदन को अपना जवाब दिया। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने अनोखे अंदाज में भाषण की शुरुआत की और विपक्ष के आरोपों को धाराशयी कर दिया। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि इराक के मोसुल में लापता 39 भारतीयों का मामला बहुत गंभीर है सुषमा ने कहा कि मैं इस बात को हंगामे के दौरान नहीं बोलूंगी पूरा देश इस मामले को सुनना चाहता है विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि मैंने इस मामले पर राज्यसभा में कोई बयान नहीं दिया है और उन्होंने कहा ये कि मैंने कभी नहीं कहा कि वो लोग मारे गए या फिर वो लोग जिंदा है। मैंने सदन को विश्वास में लेकर और सदन की अनुमति से ही इस घटना में अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाई।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि मैं शुरू से ही लोकसभा में बयान देना चाहती थी कि मोसुल में लापता 39 भारतीयों का मामला हमारी सरकार आने के 20 दिन बाद की है आपको बता दें कि उस समय हरजीत ने ये बयान दिया था कि मैं मेरे सामने 39 लोगों को मार दिया गया था और मैं भाग कर आ गया था लेकिन हमें ना ही कहीं लाशें मिली, ना ही कोई सूची मिली, और इसलिए हम कैसे कह सकते हैं। हरजीत के बयान में काफी विरोधाभास है जिस मुद्दे को उठाया गया था। हमने मोसुल के आस-पास तलाशी ली है मैंने जो कुछ भी किया है वह सदन को विश्वास में लेकर किया ।

वही 24 नवंबर 2014 को मैंने कहा था कि एक व्यक्ति कह रहा है कि वो मार दिए गए हैं, और 6 सूत्र कह रहे हैं कि वो जिंदा हैं तो मुझे क्या उन्हें ढूंढना नहीं चाहिए. मैंने बार-बार सदन से कहा था कि मेरे पास उनके जीवित होने का कोई सबूत नहीं है, ना ही मेरे पास उनके मारे जाने का कोई ठोस सबूत नहीं है। मैं सदन की अनुमति चाहूंगी कि अगर मेरा रास्ता सही है तो हम इसमें आगे बढ़ सके. इसके लिए मुझे बयान भी दिया गया था।

हमारी सरकार पर विपक्ष पार्टी इस घटना को लेकर पिछले 3 वर्ष से गुमराह करने का आरोप लगाया जा रही है , और कहा कि बिना ठोस सबूत के उन्हें मरा हुआ घोषित नहीं कर सकती है ऐसा करना पाप है मैं ये पाप कभी नहीं करुंगी। मुझे पता लगा कि इसमें टर्की से मदद मिल सकती है, मैं खुद टर्की गई थी बात करने की। पीएम ने भी इस मुद्दे पर बात की।

वही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा मैं 12 बार पीड़ितों के परिवार से मिली हूं, मैंने हर बार कहा कि मेरे पास उनके जीवित रहने की कोई जानकारी नहीं है, मैं सूत्रों के हवाले से ये कह रही हूं उनकी फाइल तब तक बंद नहीं कर सकते हैं जब तक कोई सबूत ना हो।

आपको बता दें कि इससे पहले, भारत दौरे पर आए इराक के विदेश मंत्री इब्राहिम अल-जाफरी ने कहा था मोसुल में अगवा भारतीयों के जीवित या मृत होने के पुख्ता सबूत नहीं है। इराकी विदेश मंत्री ने कहा कि उसके पास इस बात के कोई ‘‘पुख्ता सबूत’’ नहीं हैं कि तीन साल पहले मोसुल में अगवा किए गए 39 भारतीय जीवित हैं या उनकी मृत्यु हो चुकी है। फिलहाल, इराक ने इस बात की पुष्टि की है कि आतंकवादी संगठन ISIS ने उस बदुश जेल को नेस्तनाबूद कर दिया, जहां आखिरी बार इन 39 भारतीयों के होने की सूचना मिली थी।

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