भारतीय इतिहास के वो काले दिन जो आज भी ले आते है ‘आँखों में आसूं’


इतिहास हमे अपने अस्तित्व से अवगत कराता है ये बात 100 प्रतिशत सही है। कुछ बाते हमे गौरवशाली होने का एहसास कराती है तो इतिहास की कुछ दुखद घटनाएं हमारी आँखे नम कर जाती है । कुछ ही दिनों में हम भारतवासी अपना 71वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहे है। ये हमारे लिए बेहद गर्व की बात है। आज हम आपके लिए आजाद भारत के इतिहास के पन्नों से ऐसी ही कुछ तस्वीरें लाये है जिन्हें देखकर आप भावुक हो उठेंगे। ये तस्वीरें हमे साथ ही आइना भी दिखाती है की इतिहास में हमने क्या खोया और साथ ही ये एहसास कराती है आने वाले भविष्य में हम ये गलतियां दुबारा न दोहराये।

1.गांधी जी का निधन: 30 जनवरी 1948 में भारत ने अपना राष्ट्रपिता खो दिया। इस दुखद घटना से पुरे देश में गम की लहर दौड़ गयी थी और हम आज भी अगर गांधी जी की ये आखिरी तस्वीर देखे तो आँखे नाम हो जाती है।

2.ताज हमला: 26 नवम्बर 2008 भारत के इतिहास का वो कला दिन है जिसने पुरे देश को ग़मगीन किया और साथ ही हमारी सम्प्रभुता पर गहरी चोट की। हमले में 164 लोगों की मौत हो गई थी। लगभग 308 लोग घायल हो गए थे।

3.सिख दंगे : वर्ष 1984 में हुए सिख दंगों से देश को हिला दिया था। इस दंगे में हजारों बेगुनाह सिख मारे गए और पुरे देश ने दहशत की पराकाष्ठा देखी थी।

4.गुजरात दंगे : वर्ष 2002 में गुजरात में हुए हिन्दू -मुस्लिम दंगों की आंच पुरे देश ने महसूस की। इस दंगे में दोनों समुदाय के लगभग 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई।

5.डॉ. एपीजे कलाम का निधन: 2 जुलाई 2015 को देश के पूर्व राष्ट्रपति और वैज्ञानिक डॉ. एपीजे कलाम के निधन की खबर जब सबको मिली तो अधिकांश का दिल भर आया था। यह देश के लिए एक बड़ी क्षति थी।

6.सुनामी : वर्ष 2004 में आई इस प्राकृतिक आपदा ने हजारों लोगों की जान लेली और लाखों लोगों को बेघर कर दिया। भारत ने इससे पहले इतनी भयंकर आपदा नहीं झेली थी जिसके जख्म आज भी लोगों को याद है।

7.भोपाल गैस त्रासदी: 3 दिसम्बर 1984 को भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड नामक कंपनी के कारखाने से मिथाइल आइसो साइनाइट (मिक) नामक जहरीली गैस का रिसाव हुआ था। इसमें कई हजार लोगों की मौत हो गई थी। हजारों लोग शारीरिक अपंगता और अंधेपन का शिकार हुए थे।

8.निर्भया कांड: 6 दिसम्बर 2012 को दिल्ली में हुई एक सामूहिक बलात्कार ने पुरे देश को झकझोर कर रख दिया जिसके चलते पुरे देश में लाखों लोगों ने देश भर में प्रदर्शन और मार्च निकाले। ये दिन भारतीय इतिहास एक शर्मनाक और काले दिवस के रूप में हमेशा याद रखा जाएगा।