बलात्कारी बाबा राम रहीम पर दो मर्डर केस पर सुनवाई आज, चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात


चंडीगढ़ : जेल में बंद बलात्कारी राम रहीम पर पत्रकार छत्रपति और डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या के मामलों को लेकर आज सुनवाई होगी। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और पूर्व डेरा समर्थक रंजीत सिंह की हत्या का आरोप भी राम रहीम पर लगा है। पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत में सुबह 11 बजे से अंतिम सुनवाई शुरू होगी। राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है, इसीलिए उसकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी।  हरियाणा सरकार किसी तरह का रिस्क लेने के मूड में नहीं है। किसी भी प्रकार के उपद्रव से बचने के लिए पूरे इलाके में पहले ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पंचकूला में अर्धसैनिक बलों और हरियाणा पुलिस की टुकड़ियों को तैनात किया गया है। राम रहीम फिलहाल रोहतक की जेल में बलात्कार की सजा काट रहा है।

गुरमीत को पंचकूला कोर्ट में ले जाने की बजाय वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ही उसकी पेशी होगी। बता दें कि पत्रकार छत्रपति और डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या मामलों में शनिवार से फाइनल बहस शुरू होगी।

उधर, कानून व्यवस्था को लेकर गृह सचिव व डीजीपी ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए कदमों की जानकारी दी। राज्य में अभी 33 कंपनियां अर्द्धसैनिक बलों की तैनात हैं।

रणजीत व छत्रपति मर्डर केस भी 15 साल पुराने

  • 10 जुलाई 2002 को डेरे की प्रबंधन समिति के सदस्य रहे कुरुक्षेत्र के रणजीत का मर्डर हुआ था। डेरा प्रबंधन को शक था कि रणजीत ने साध्वी यौन शोषण की गुमनाम चिट्ठी अपनी बहन से ही लिखवाई थी।
  • पुलिस जांच से असंतुष्ट रणजीत के पिता ने जनवरी 2003 में हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की।
  • वहीं 24 अक्टूबर 2002 को सिरसा के सांध्य दैनिक ‘पूरा सच’ के संपादक रामचंद्र छत्रपति को पांच गोलियां मारी गई थी, जिसके बाद 21 नवंबर 2002 को रामचंद्र छत्रपति की दिल्ली के अपोलो अस्पताल में मृत्यु हो गई।
  • आरोप है कि अपने अखबार में साध्वी यौन शोषण मामले को उठाने पर ही रामचंद्र छत्रपति की हत्या की गई। जनवरी 2003 में पत्रकार छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की।
  • इसके बाद हाई कोर्ट ने पत्रकार छत्रपति व रणजीत हत्याकांड की सुनवाई एक साथ करते हुए 10 नवंबर 2003 को सीबीआइ को एफआईआर दर्ज कर जांच के आदेश दिए।

पत्रकार छत्रपति के बेटे को इंसाफ का इंतजार

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल के मुताबिक करीब 15 साल की लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार फाइनल राउंड के शुरू होने से एक बड़ी राहत मिली है। पत्रकार के बेटे को उम्मीद है कि जल्द ही कुछ दिनों में सुनवाई पूरी होगी और उनके पिता रामचंद्र छत्रपति को इंसाफ मिलेगा।

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