योगी सरकार के 100 दिन : गहरी हुई चुनौतियां


लखनऊ : जनाकांक्षाओं और उम्मीदों का भारी बोझ लेकर सथा में आयी उथर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार अगले सप्ताह अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे कर लेगी। इस अर्से में कानून-व्यवस्था और किसानों की कर्जमाफी को लेकर विपक्ष के निशाने पर रही सूबाई सरकार के सामने बड़ी चुनौतियां खड़ी हैं। किसानों की कर्जमाफी भाजपा का अहम चुनावी मुद्दा था। केन्द, सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिलने के बीच अचानक आये 36 हजार 369 करोड़ रऊपये के इस बोझ को उतारने के लिये विथ विभाग तरकीबें ढूंढ रहा है। वहीं सातवें वेतन आयोग को लागू करने में आने वाला 34 हजार करोड़ रऊपये का अतिरिक्त व्ययभार भी सरकार को उठाना है। इसके अलावा, पूवाचल एक्सप्रेस-वे जैसी मेगा परियोजनाओं के लिये धन उपलब्ध कराना भी सरकार के लिये बड़ी चुनौती है।

                                                                                             Source

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट आदेशों के बावजूद राज्य सरकार 15 जून तक केवल 63 प्रतिशत सड़कों को ही गड्ढामुक्त कर सकी है। अब सरकार के सामने विद्यार्थियों को नि:शुल्क लैपटाप बांटने की भी चुनौती है। कानून-व्यवस्था दुरऊस्त करने के वादे के साथ प्रदेश की सथा में आयी योगी सरकार के गठन के बाद आपराधिक वारदात में बढ़ोथरी हुई है। खासकर सहारनपुर में हुए जातीय संघर्ष से सरकार को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है। यह स्थिति उन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिये कड़ी चुनौती है, जिन पर वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक लिहाज से अतिसंवेदनशील उथर प्रदेश में भाजपा की छवि को बेहतर बनाए रखने की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री योगी ने सथा सम्भालते ही प्रदेश से अपराध खत्म करने तथा सबका साथ, सबका विकास  करने का वादा किया था।

                                                                                       Source

योगी सरकार के सामने प्रदेश में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में भी भाजपा की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की चुनौती है। राज्य निर्वाचन आयोग ने निकाय चुनावों के लिये जोर-शोर से तैयारियां की थीं लेकिन सरकार ने पिछड़ा बहुल सीटों के लिये हुए रैपिड सर्वे के सही नहीं होने की बात कहकर उसे टाल दिया। ये चुनाव जुलाई में होने थे, मगर अब इनके अक्तूबर में होने की सम्भावना है। भाजपा के चुनाव घोषणापत्र में विद्यार्थियों को लैपटाप वितरण का वादा किया गया था लेकिन यह योजना कब शुरू होगी, इस बारे में अभी तक कोई तारीख तय नहीं की गयी है। राज्य सरकार जहां Þसबका साथ, सबका विकास  की बात कर रही है, वहीं विपक्षी दल इसे सरकार का ढकोसला मात्र करार दे रहे हैं। बसपा मुखिया मायावती का आरोप है कि मुख्यमंत्री क्षत्र्य हैं और प्रदेश में केवल क्षत्र्य बिरादरी के लोगों का ही दबदबा हो गया है। दलित तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के साथ-साथ ब्राहमणों को भी अत्याचार का सामना करना पड़ रहा है। सपा अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव योगी सरकार पर तंज करते हुए कहते हैं कि मौजूदा
सरकार पूर्ववर्ती सपा सरकार के हर काम की जांच करा रही है। वह कुछ काम भी करेगी, या सिर्फ जांच ही कराती रहेगी।

                                                                                        Source

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश किसानों की कर्जमाफी के योगी सरकार के फैसले पर भी उंगली उठा रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार दरअसल किसानों की आंखों में धूल झोंकने की  कोशिश कर रही है। योगी सरकार अपने 100 दिन के कार्यकाल पर हर विभाग की प्रगति रिपोर्ट जारी करेगी। इस वक्त पूरी प्रशासनिक मशीनरी 73 विभागों की प्रगति रिपोर्ट तैयार करने में लगी है। इन्हें श्वेत-पत्र के रूप में जारी किया जाएगा। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि तीन महीने का समय किसी सरकार के लिये बहुत कम है। आमतौर पर इतनी कम अवधि की सरकार के पास दिखाने लायक कोई खास उपलब्धि नहीं होती। बहरहाल, बिजली के मोर्चे पर योगी सरकार ने कुछ अच्छे कदम उठाये हैं। इनमें केन्द, के साथ Þपॉवर टू आल Þ समझौता भी शामिल है। इसके अलावा राज्य सरकार ने जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे, तहसील मुख्यालय में 20 तथा गांवों में 18 घंटे बिजली देने का प्रावधान भी किया है। इसके अलावा अधिकारियों का तबादला और तैनाती भी मेरिट के आधार पर करने के फैसले की भी सराहना की जा रही है।

log in

reset password

Back to
log in
Choose A Format
Poll
Voting to make decisions or determine opinions
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals
List
The Classic Internet Listicles
Video
Youtube, Vimeo or Vine Embeds
Thanks for loving our story. Like our Facebook page to get more stories.

Send this to a friend