अखिलेश से रहे निराश, अब योगी से आस


बुलन्दशहर: पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को खून से खत लिखने के बावजूद समाधान नहीं होने से व्यथित बालिकाओं कुमारी लतिका और कुमारी तान्या ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगायी थी। जिसके जबाव में मुख्यमंत्री योगी के यहां से मदद के लिए एक पत्र बुलन्दशहर पहुंचा तो दोनों मासूमों की मरी हुई उम्मीद एक बार फिर जाग उठी और वह जिलाधिकारी के दरबार जा पहुंची लेकिन जिलाधिकारी ने उन्हें यह बताकर निराश कर दिया कि अब तक उन्हें शासन से कोई आदेश नहीं मिला है। अब देखना यह है कि क्या योगी इन बहनों की मुराद पूरी कर उनकी  बहुप्रतीक्षित समस्या का समाधान करते हैं या इस बार भी उन्हें निराशा ही हाथ लगती है।

ज्ञातव्य हो कि अपने खून से चिट्ठी लिखकर पूर्व  मुख्यमन्त्री अखिलेश यादव से मदद की गुहार लगाने वाली दोनों बहने मां की हत्या के बाद बेहद तंगहाली में गुजर बसर कर रही हैं। हालांकि अभूतपूर्व  विकास  और अपने सारे चुनावी वादे निभाने का ढिंढोरा पीटने वाले  पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मासूम बच्चियाें की खून से लिखी चिटठी मिलने पर उन्हें  अपने आवास पर बुलाकर उनकी सहायता के लिए ढेर सारे कागजी वादे कर डाले थे परन्तु बहनों के जाते ही वह जनता के साथ किये वादों की तरह बहनों के साथ किये सभी वादे भूल गये, इतना ही नही इस वाबत इन बहनों ने अखिलेश को विभिन्न माध्यमों से अपने वादों को याद दिलाने की भी भरपूर कोशिश की परन्तु उन्होनें अपने कानों को बन्द रखना ही मुनासिब समझा, इतना ही नहीं अखिलेश की संवेदहीनता तो उस समय और बुरी तरह से सामने आयी जब बुलंदशहर में ही अपनी चुनावी सभा में अपनी बात रखने आयी बहनों और उनके मामा को स्थानीय पुलिस ने जबरदस्ती सभा से उठाकर बाहर फेंक दिया था और मंच पर खड़े अखिलेश मूकदर्शक बने देखते रहे थे। फिलहाल एक आखिरी आस लिए इन बहनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगायी थी।

आपको बता दें ​कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बहनों के पिता के हत्यारों की गिरफ्तारी के साथ-साथ दोनों बच्चियाें की पढ़ाई, उनकी नानी का इलाज, मामा की नौकरी, और बच्चियों को रहने के लिए आवास के साथ पांच-पांच लाख की आर्थिक मदद की घोषणा की थी जिनमें से बच्चियाें के हाथ कुछ भी नहीं आया है, अब पीड़ित बच्चियों के यहां पर एक पत्र आया है, पत्र मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के दरबार से आया बताया जा रहा है। जिससे उन्हें वादा पूरा होने की भी पूरी उम्मीद है। योगी द्वारा मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद जिस तेजी से जनकल्याणकारी कार्यो को अंजाम दिया जा रहा है उससे इस बात को पूरा बल मिलता है कि इन बेबस बहनों कुमारी लतिका और कुमारी तान्या को अखिलेश द्वारा मिली निराशा से मुक्ति अवश्य मिलेगी और उन्हें अखिलेश द्वारा किये गये वादों से अधिक सहायता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अवश्य प्राप्त होगी।

– त्रिलोक चन्द