एटीएस ने माकड्रिल कर परखी यूपी विधानभवन की सुरक्षा


लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा भवन में विस्फोटक पदार्थ मिलने के 72 घंटे बीत जाने के बाद भी आतंकवादी निरोधक दस्ता (एटीएस) तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियां किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पायी है कि आखिर चाक चौबंद सुरक्षा के बावजूद विस्फोटक यहां तक कैसे पहुंचा। देश के बडे राज्य के विधानभवन की सुरक्षा के मद्देनजर आज एटीएस तथा अन्य सुरक्षा एजेसियों ने माकड्रिल (सांकेतिक अभ्यास) किया। राष्ट्रपति पद उम्मीदवार के चयन के लिये कल यहां वोट डाले जायेगे। जांच कर रही एजेंसिया अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुचीं है।

योगी सरकार ने केन्द्र को पत्र लिखा
वहीं, दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर इसकी जांच एनआईए से कराने के लिये कहा था। राज्य सरकार ने पत्र के साथ एफआईआर की कापी तथा अन्य जानकारी एनआईए को भेजी है। राष्ट्रपति पद के लिये चुनाव के वोट कल 1000 बजे से 1700 के बीच डाले जायेगे। विधानभवन की सुरक्षा व्यवस्था को दुरस्त कर रखने के लिये सुरक्षा एजेसियों ने आज माकड्रिल किया ताकि इसमें किसी प्रकार की कोई कोर कसर न रहे।

सुरक्षा के मद्देजर आज माकड्रिल किया गया: एटीएस
एटीएस के पुलिस महानिरीक्षक असीम अरूण ने आज यहां बताया कि विधानभवन में विस्फोटक कैसे पहुंचा और कौन इसे वहां ले गया इसकी जांच चल रही है । इस मामले में पूछताछ जारी है । जांच एजेसियां अभी तक किसी नतीजे पर नही पहुची है कि कौन इसे वहां ले गया।उन्होने कहा कि सुरक्षा के मद्देजर आज माकड्रिल किया गया। सुरक्षा के खामियों के बारे में एक बैठक की गयी जिससे इसमें आयी कमियों को दूर किया जा सके। श्री अरूण ने बताया कि सभी एजेसियों ने अपना अपना एक प्रतिनिधि माकड्रिल में भेजा था जो अपनी रिपोर्ट सरकार को देगा। इसके बाद सरकार सुरक्षा में आयी कमियों को दूर करेगी।

सपा विधायकों, विधानसभा अधिकारियों से पुलिस कर रही पूछताछ
पुलिस महानिरीक्षक ने इस बात की पुष्टि की है कि समाजवादी पार्टी(सपा) विधायक मनोज पाण्डेय से कल एटीएस ने पूछताछ की और विधायक अनिल दोहरे कल अपना बयान दर्ज करेंगे। विधानभवन में विस्फोटक पदार्थ गत 12 जुलाई को दोनों विधायको के सीट के नीचे मिला था। विधानसभा भवन में मिले विस्फोटक प्रकरण में एटीएस के अधिकारियों द्वारा विधानसभा भवन में नियुक्त विधानसभा के एक असिस्टेंट मार्शल, चार इंजीनियरों, दो सुरक्षाकर्मियों, बीडीएस एवं डॉग स्क्वायड में तैनात एक ऑपरेटर तथा सात चतुर्थ Ÿोणी कर्मचारियों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किये गये।

विधानभवन परिसर में लगे है कुल 23 कैमरे
एटीएस के अधिकारियों द्वारा विधानभवन परिसर में लगे कुल 23 कैमरों जिनमें 12 कैमरे परिसर में, छह कैमरे भवन मंडल में, दो कैमरे सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के आवागमन गेट पर तथा सदन के भीतर स्थापित दूरदर्शन के तीन कैमरों की रिकॉर्डिंग लेकर गहनता से खंगालने की कार्रवाई की जा रही है।

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