भाजपा आैर संघ के झूठ का मुंहतोड़ जवाब देगी बसपा: माया


लखनऊ:  बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्षा मायावती ने बी.एस.पी. उत्तर प्रदेश स्टेट यूनिट से जुड़े व ज़मीनी स्तर तक फैले पार्टी के छोटे-बड़े विभिन्न स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारियों व ज़िम्मेदार कार्यकर्ताओं की आज लखनऊ में हुई अति-महत्त्वपूर्ण मासिक बैठक को लेकर सर्वसमाज में पार्टी के जनाधार को बढाने के लिये होने वाले पार्टी के कार्यक्रमों व कैडर के आधार पर पार्टी संगठन को तैयार करने के साथ-साथ प्रदेश के वर्तमान राजनीतिक हालात की गहन समीक्षा की और बदली हुई राजनीतिक परिस्थिति में नई रणनीति अपनाकर काम करने के लिये अलग से विशेष निर्देश दिये। बी.एस.पी. उत्तर प्रदेश स्टेट कार्यालय 12 माल एवेन्यू में आयोजित इस विशेष बैठक में भी पार्टी प्रमुख मायावती ने पार्टी के लोगों से फीडबैक प्राप्त किया और अपनी जानकारी के आधार पर फिर उनका क्रासचेक भी किया और इस प्रकार किसी को भी भ्रमित करने वाली मनमर्जी वाली सूचना देने की इजाज़त नहीं दी।

इस प्रकार की बैठकों के अनवरत जारी रहने के कारण बैठक में यह महसूस किया गया कि बी.एस.पी. के लोग हर स्तर पर मूवमेन्ट के साथ काफी मज़बूती से खड़े हैं और नेतृत्व के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के मूवमेन्ट को आगे बढ़ाने के साथ-साथ परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के ब्रह्म वाक्य ’सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त करके अपना उद्धार स्वयं करने’ के प्रति तन, मन, धन के साथ काम करते रहने के लिये कृत संकल्पित व लालायित भी हैं। इनके इस जोश व जज्बे में रत्ती भर भी कमी नहीं आई है बल्कि बीजेपी की विभिन्न चुनावी तिकड़मबाजी के सफल हो जाने से तथा जातिवादी तत्वों की उत्तर प्रदेश में भी सरकार बन जाने से उत्पन्न यहाँ ख़राब हालात के मद्देनज़र अब वे और भी ज्यादा ज़िद के साथ काम करने को तत्पर हैं।

मायावती ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि बी.एस.पी का मिशनरी मूवमेन्ट खासकर उत्तर प्रदेश में पहले की तरह ही काफी मजबूती से जड़ पकड़े हुये है और बीजेपी एण्ड कम्पनी व आर.एस.एस. के लोग केवल लोगों को गुमराह करने के लिये अनेकों प्रकार की ग़लत अफवाहें फैलाने का काम करते रहते हैं। आर.एस.एस. पिछले चुनावों के साथ-साथ अपने जातिवादी, साम्प्रदायिक व हिंसक राजनीतिक एजेण्डे को लागू करने में आजकल सरकारी धन, सुविधा व शक्ति का भी खुलकर उपयोग कर रहा है व करवा भी रहा है और इस क्रम में खासकर बी.एस.पी. को निशाना बनाने का काम किया जा रहा है।

उन्होंने याद दिलाया कि इन्हीं जातिवादी तत्वों ने आपस में अन्दुरुनी गठजोड़ करके परमपूज्य बाबा साहेब डा. अम्बेडकर के मानवतावादी मूवमेन्ट को कभी भी चुनावी राजनीति में सफल नहीं होने दिया, परन्तु बाबा साहेब के अथक प्रयासों से उनके राजनीतिक चेतना के मूवमेन्ट को वे लोग बहुत चाहने के बावजूद नहीं रोक पाये और इस प्रकार बाबा साहेब देश की राजनीति व देश की तकदीर को नया मानवतावादी आयाम देने में ऐतिहासिक तौर पर काफी सफल रहे, जिसका ही परिणाम है कि आज बीजेपी एण्ड कम्पनी जैसी जातिवादी ताकतें सत्ता का घोर दुरूपयोग करने के बावजूद बाबा साहेब डा. अम्बेडकर की सर्वसमाज में से खासकर करोड़ों ग़रीबों, किसानों, मजदूरों, दलितों, पिछड़ों, धार्मिक अल्पसंख्यकों आदि के हित व कल्याण के प्रति मानवतावादी सोच व संवैधानिक व्यवस्थाओं को पराजित नहीं कर पा रही हैं और विभिन्न स्तरों पर उनके इस प्रयास का जबर्दस्त विरोध जारी है। बाबा साहेब डा. अम्बेडकर की उसी जबर्दस्त सेाच, ऊर्जा व शक्ति का देश में सही प्रतिनिधित्व करने वाली एक मात्र पार्टी बी.एस.पी ही है जो हाल के कुछ चुनावी अघातों के बावजूद बाबा साहेब की ही तरह किसी के भी सामने झुकने या घुटने टेकने वाली नहीं है बल्कि अपने संघर्षों पर भरोसा करते आगे बढ़ते रहने के विश्वास पर पूरी तरह से अडिग है।

– असलम सिद्दीकी

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