जीएसटी के विरोध में बंद रहे बाजार


एटा: जीएसटी और विरोधी नीतियों के विरोध में शुक्रवार को व्यापारियों ने अपने-अपने प्रतिष्ठान बदं कर विरोध जताया। होलसेल कपडा व्यापारियों ने तो पूरा बाजार ही बंद रखा। जिले में बाजार बंदी असर दिखाई दिया। व्यापारी संगठन एक जुट हो गये और जमकर नारेवाजी की। जीएसटी में टैक्स का प्रावधान किए जाने से आक्रोशित व्यवसाइयों ने शुक्रवार को सुबह से ही दुकानें बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद शहर के कई स्थानों पर व्यापारियों ने एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। व्यापारियों का कहना था कि टैक्स भी देना पडे़गा और 10 दिन में हिसाब किताब भी देना होगा। जिससे व्यापारियों को अतिरिक्त कर का बोझ झेलना पडेगा। कुछ व्यापारी तो ऐसे ही जो छोटा-मोटा व्यापार कर अपने परिवार की गुजर बसर करते हैं।

ऐसे में कर का यह नया बोझ उनके हितों पर चोट है। व्यापारियों का कहना है कि कपडे पर जीएसटी लगाया गया है जबकि पहले कपडे पर टैक्स होने से इन्कार कर रहे थे, लेकिन कपडे पर जीएसटी लगाने से व्यापारियों को तमाम समस्याओं का सामना करना पडेगा, वहीं कपड़ा भी महंगा हो जाएगा। पहले धागा तैयार होते समय ही टैक्स व एक्साइज ड्यूटी लगती थी, अब कपड़ा तैयार होने के बाद जीएसटी लगेगा, जो व्यापारियों व ग्राहकों के लिए ठीक नहीं होगा। व्यापारियों ने इसका जमकर विरोध किया। इस दौरान व्यापारी अतुल राठी ने कहा कि केन्द्र सरकार जीएसटी लागू करके व्यापारियों का नुकसान कर रही है।

जीएसटी लागू होने से व्यापारियों को अपना कार्य करने की बजाय कागजों के रखरखाव में समय ज्यादा बर्वाद करना पड़ेगा। इसका असर उनके व्यापार पर पडेगा, सरकार इसके लागू होने से महंगाई कोकम करने का दावा भले ही कर रही हो, सही तथ्य यह है कि इससे महंगाई बढेगी। प्रमोद गुप्ता ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जीएसटी लागू करके व्यापारियों को जेल और सौ प्रतिशत मामल जब्तीकरण का प्राविधन किया है, जिससे व्यापारियों की परेशानियां बढा दीं।

– अजय चौहान

log in

reset password

Back to
log in
Choose A Format
Poll
Voting to make decisions or determine opinions
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals
List
The Classic Internet Listicles
Video
Youtube, Vimeo or Vine Embeds
Thanks for loving our story. Like our Facebook page to get more stories.

Send this to a friend