हावी माफिया, बेअसर सीएम का एंटी भू-माफिया


महोबा: प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनाव में माफियाओं के विरूद्ध कार्यवाही किए जाने के अपने वादे को पूरा किया और भूमाफियाओं पर नकेल कसने को एंटी भूमाफिया टीमों का गठन किया गया। लेकिन बुंदेलखंड के महोबा जनपद में माफिया हावी तो सीएम की एंटी भूमाफिया टीम कार्यवाही को लेकर बेअसर दिख रही है। कुलपहाड़ मौजे की जमीन पर कई सालों पूर्व तहसीलदार व उपजिलाधिकारी ने चरागाह की भूमि पर पट्टे कर दिए वहीं मुख्यालय का ऐतिहासिक कीरतसागर भी अवैध कब्जों से कराह रहा है। हर बार अभियान तो चलता है पर इसकी हवा निकल जाती है। इसके साथ ही मदनसागर में एकनेता जी के साथ ही माफियाओं के द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। योगी सरकार के एंटी भूमाफिया अभियान का सफल क्रियान्वयन हो पाना शहर में ही नामुमकिन नजर आ रहा है। कारण, अतिक्रमण रोकने के लिए जिम्मेदार नौकरशाहों द्वारा ही अवैध अतिक्रमणकारियों को नहर किनारे की भूमि पर काबिज करा दिया गया।

विनियमित क्षेत्र के अफसरों की सांठगांठ के चलते शहर की मदनसागर नहर सहित ज्यादातर नहरों की जमीनों पर आलीशान भवन और कोठियां बनी हुई हैं। सिंचाई विभाग के अफसरों द्वारा अवैध कब्जों की तैयार की गई रिपोर्ट भी कई सालों से ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है। अवैध अतिक्रमणकारियों को बसाने वाले अफसरों से सरकार अतिक्रमण हटवाने का सपना देख रही है। गौरतलब है कि शहर में राजस्व विभाग के अफसरों के साथ ही विनियमित क्षेत्र के जिम्मेदार अभियंता और नौकरशाह भूमाफियाओं की गोद में बैठकर लंबे समय से काम कर रहे हैं। इसी वजह से सालों से नहर की भूमि पर अवैध कब्जों का सिलसिला जारी है। नहर किनारे की बेशकीमती भूमियों पर आज भी विनियमित क्षेत्र के आला अधिकारियों की शह पर धड़ल्ले से ऊदल चौक से सुभाष चौकी तक कई बहुमंजिला इमारतें बिना नक्शे के बन रही हैं।

सिंचाई विभाग द्वारा वर्ष 2010 में तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार मदनसागर सरोवर से निकली नहर में मदनसागर से सुभाष चौकी तक अतिक्रमण है। सुभाष चौकी से नरसिंह कुटी तक अवैध कब्जा, रामकथा मार्ग पर कब्जा पाया गया था। कुल 250 से अधिक अवैध कब्जाधारकों पर विभाग ने जुर्माना निर्धारित किया गया था। लेकिन आज तक सिंचाई विभाग की रिपोर्ट पर सरकारी मशीनरी ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी तरह जिला प्रशासन की शह पर हमीरपुर चुंगी मे पर भूमाफिया ने अवैध कब्जा कर नहर को नाली में तब्दील कर दिया और भवन बना डाले। मदनसागर नहर की भूमि पर कई निर्वाचित हो चुके जनप्रतिनिधियों के साथ ही सिंचाई विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों व व्यापारियों की आलीशान कोठियां व मकान बने हुए हैं। नहर की भूमि पर बिना नक्शे के भवनों का निर्माण विनियमित क्षेत्र के अफसरों और अभियंताओं की कार्यप्रणाली का जीता जागता नमूना है और योगी सरकार भ्रष्ट अफसरों के सहारे एंटी भूमाफिया अभियान चलाने का सपना संजोए हुए है।

– रितुराज राजावत

log in

reset password

Back to
log in
Choose A Format
Poll
Voting to make decisions or determine opinions
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals
List
The Classic Internet Listicles
Video
Youtube, Vimeo or Vine Embeds
Thanks for loving our story. Like our Facebook page to get more stories.

Send this to a friend