शिक्षामित्रों ने ट्रेन रोक किया प्रदर्शन


एटा: शिक्षा मित्रों के समायोजन रद्द होने पर यूपी और केन्द्र सरकार के खिलाफ शिक्षक सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं। चौथे दिन सैकड़ों शिक्षामित्रों ने विरोध प्रदर्शन और जमकर नारेबाजी की तथा बीएसए कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया, जीटी रोड को कई जगह पर जाम कर दिया गया, वहीं आगरा-एटा पैसेंजर ट्रेन रोककर प्रदर्शन किया गया और रेलवे ट्रैक पर लेट गए। ट्रेन रोकने की सूचना पर पुलिस जीआरपी, पुलिस प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गये। शिक्षामित्रों को समझाकर ट्रैक से हटवा दिया गया। वहीं शिक्षामित्रों का कहना है कि अगर सरकार हमारे लिए कुछ नहीं करती तो हम लोग आंदोलन करते रहेंगे क्योंकि चार दिन पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों के समायोजन रद्द कर दिए। प्रदेशभर में शिक्षामित्र सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। शिक्षामित्रों का प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी रहा। शहर के शहीद पार्क से शिक्षामित्रों का प्रदर्शन शुरू हुआ। माया पैलेस चौराहा पर, ओवरब्रिज के नीचे अरुणानगर गेट के सामने जीटी रोड का जाम कर दिया गया।

उसके बाद 3 बजे आगरा-एटा पैसेंजर ट्रेन को चिड़ियाघर के पास रोक दिया गया। काफी तादात में एकत्रित शिक्षामित्रों ने जमकर नारेवाजी की, प्रदर्शन किया और ट्रेन पर लेट गए। इस दौरान कई शिक्षामित्र बेहोश हो गये। शिक्षामित्रों को समझाकर वहां से हटवा दिया गया। इस दौरान शिक्षामित्रों ने मांग की कि तत्काल प्रभाव से सरकार द्वारा पुर्नविचार याचिका न्यायालय में दाखिल की जाये, जब तक समस्या का समाधान न हो सभी समायोजित शिक्षकों को इसी पद पर पूर्ण वेतन के साथ कार्य करने दिया जाये, भाजपा द्वारा शिक्षामित्रों की समस्याओं के निराकरण का वायदा किया गया था, वह सरकार पूरा करे। केन्द्र सरकार से वार्ता कर संसद द्वारा संविधान में संशोधन बिल अध्यादेश लाया जाये जिससे प्रदेश के 1 लाख 72 हजार शिक्षामित्रों को स.अ. के पद पर समायोजित कर सम्मान बचाया जा सके।

शिक्षामित्रों को समायोजित करते हुए उनका बकाया मानदेय भुगतान कराया जाये। शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री के नाम भाजपा के जिलाध्यक्ष दिनेश वशिष्ठ को ज्ञापन सौंपा। मांग करने वालों में राजेश गुप्ता, मनोज यादव, अवधेश यादव, सुद्योतकर यादव, अनिल प्रताप सिंह, सुशील तिवारी, ओमेंद्र कुशवाह, हरिओम प्रजापति, अनिल चौहान, सुनील चौहान, मु. ईशाक, मनोज बघेल, प्रकाश वीर, होशियार सिंह, पंकज चौहान, आलोक मिश्रा, राजीव यादव, शीलेंद्र सिंह, रनवीर सिंह मनोज यादव आदि काफी संख्या में समायोजित शिक्षक व शिक्षामित्र मौजूद थे। सहित सैकडों शिक्षामित्र शामिल थे।

क्या बोले शिक्षामित्रः
हम लगातार स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहे थे। हमारा समायोजन रद करना पूरी तरह से गलत है। ये शिक्षामित्रों के साथ अन्याय है। हम अपना हक लेकर रहेंगे।

विजय प्रतापः अगर शिक्षामित्र वेतन ले रहे थे, वह स्कूल में पढ़ाते भी थे। अचानक उनका समायोजन रद करना न्यायपूर्ण नहीं है। बड़ी संख्या में उनके परिवारों के सामने संकट खड़ा हो गया है। सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

भूरी सिंहः सरकार को सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करनी चाहिए। शिक्षामित्रों के हक की बात उठाना सरकार का काम है। हमारे साथ अन्याय हुआ है।

– अजय चौहान

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